साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याएं सुनते अधिकारी
जनसुनवाई में 101 आवेदन प्राप्त, कलेक्टर ने समय-सीमा में निराकरण के दिए निर्देश
धार, 29 सितंबर 2026। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं और मांगें सुनीं। इस दौरान कुल 101 आवेदन प्राप्त हुए।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में तत्काल कार्यवाही संभव है, उनका जल्द निराकरण किया जाए। वहीं जिन प्रकरणों में अन्य विभागों से समन्वय की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवेदकों को राहत उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करने और उनके निराकरण की स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
उमरबन क्षेत्र से बड़ी संख्या में आवेदन
जनसुनवाई में उमरबन विकासखंड की ग्राम पंचायत दाभड़ के ग्रामवासियों ने विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
इनमें ग्राम पंचायत के सब इंजीनियर, सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत से अवैध निर्माण कार्यों के नाम पर अनियमित राशि के आहरण का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग का आवेदन भी शामिल था।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, संबल योजना का लाभ दिलाने, पट्टा प्रदान करने, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा रोकने और भूमि का सीमांकन कराने से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
भू-अर्जन के तहत अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि दिलाने, बीमारी के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और भूमि पर आने-जाने का रास्ता खुलवाने की मांग भी रखी गई।
निजी भूमि पर अतिक्रमण, कोटवार का वेतन बढ़ाने, सेवानिवृत्ति के बाद क्लेमों का भुगतान, आंगनवाड़ी में फर्जी नियुक्ति, लोन माफ करने और मजदूरी की राशि का भुगतान कराने से जुड़े आवेदन भी जनसुनवाई में आए।
विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं से जुड़े आवेदन
जनसुनवाई में अनुकंपा नियुक्ति दिलाने, खनिज खदान की लीज निरस्त करने, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मकानों को फ्रीहोल्ड करने और स्वसहायता समूहों को तीन माह से खाद्यान्न सामग्री नहीं मिलने से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए।
इसके साथ ही कृषि भूमि का आपसी बंटवारा, मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता, फर्जी फौती नामांतरण, अवैध खनन रोकने और अतिथि शिक्षक की नियुक्ति से संबंधित समस्याएं भी नागरिकों ने अधिकारियों के सामने रखीं।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, ताकि आवेदकों को अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ देने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने दोहराया कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों ने भी सुनीं नागरिकों की समस्याएं
जनसुनवाई कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अखिलेश कुमार जैन और अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय ने भी आवेदकों की समस्याओं को विस्तार से सुना।
उन्होंने संबंधित मैदानी अधिकारियों को समस्याओं के न्यायोचित और वैधानिक समाधान के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी भी उपस्थित रहे।





































































































