शहीद टीआई दिलीप पूरी को अंतिम विदाई: बरमंडल में राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दिया कंधा
"जब तक सूरज-चांद रहेगा, दिलीप पूरी तेरा नाम रहेगा": नम आंखों से शहीद टीआई को दी अंतिम विदाई, बरमंडल में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
बरमंडल/धार (मध्य प्रदेश): देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करों से लोहा लेते हुए कर्तव्य पथ पर शहीद हुए थाना प्रभारी दिलीप पूरी का पार्थिव शरीर उनके गृह नगर बरमंडल (धार जिला) पहुँचा। दोपहर तीन बजे के बाद जैसे ही जांबाज अधिकारी की पार्थिव देह उनके पैतृक निवास पहुँची, परिजनों और समूचे नगरवासियों की अश्रुधारा बह निकली। "जब तक सूरज-चांद रहेगा, दिलीप पूरी तेरा नाम रहेगा" के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गमगीन हो गया।
पैतृक घर से निकली अंतिम यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। इसके बाद मुक्तिधाम पर पूरी परंपरा और गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honor) के साथ राजकीय सम्मान से समाधि देकर शहीद टीआई दिलीप पूरी को अंतिम विदाई दी गई।
🏛️ संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने दी श्रद्धांजलि
इस दुखद घड़ी में शहीद के अंतिम दर्शन करने और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का हुजूम उमड़ पड़ा।
संभाग आयुक्त भास्कर लक्षकार, आईजी श्री अनुराग, धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना, एसपी सचिन शर्मा, क्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल सहित बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने जांबाज साथी टीआई को नमन किया।
💔 बहन दीपिका गोस्वामी का दर्द: “यह हादसा नहीं हत्या है, माफियाओं के घर चले बुलडोजर”
दिवंगत टीआई की बहन दीपिका गोस्वामी ने रोते हुए भाई की मौत पर गहरा दुख जताया और गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:
“नवरात्रि में दोनों भाई साथ आए थे, पूजा-पाठ कर आराम से गए थे। हमारे दो भाई और तीन बहनें हैं। परिवार में अकेले दिलीप ही पढ़े-लिखे और जिम्मेदार थे, जिन्होंने माता-पिता की जमीनें बिकने के बावजूद पढ़ाई की और पूरे गांव का नाम रोशन किया। उन्होंने बखतगढ़ गांव में वर्षों तक बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी। उनके दो छोटे बच्चे हैं—एक 17-18 साल की बेटी और 7-8 साल का बेटा। अगर यह हादसा होता तो साथ वाले अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोट लगती, लेकिन किसी को कुछ नहीं हुआ। यह सोची-समझी हत्या है। आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, उनके घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई होनी चाहिए और भाभी को पद तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परवरिश का पूरा ध्यान सरकार को रखना चाहिए।”
😢 पिता ओमप्रकाश पूरी बोले- “निर्मम हत्या करने वालों को हो फांसी और सीबीआई जांच”
शहीद टीआई के पिता ओमप्रकाश पूरी ने मीडिया से चर्चा में घटना को अत्यंत निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि उनका पूरा परिवार इस वक्त गहरे दुख और गम में डूबा हुआ है। उन्होंने हत्यारों को फांसी की सजा दिए जाने, आरोपियों पर बुलडोजर कार्रवाई करने और पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराए जाने की मांग की। उन्होंने भावुक होकर याद किया कि उनका बेटा गांव के बच्चों को पढ़ाता था और आज कई बच्चे जो सरकारी नौकरी में बड़े पदों पर हैं, वे उनकी ही बदौलत हैं।
शहीद टीआई दिलीप पुरी के परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और पत्नी को एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति का ऐलान! 📋
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खातेगांव की हृदयविदारक घटना पर लिया बड़ा फैसला; स्पेशल डीजी को मौके पर भेजकर दिए निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश।
वीर बलिदानी टीआई दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को मिलेगी एसआई के पद पर अनुकंपा नियुक्ति
राज्य सरकार की ओर से परिवार को प्रदान की जाएगी 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि
“इस कठिन समय में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है; दोषियों पर होगी बेहद कड़ी कार्रवाई” – सीएम मोहन यादव




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