वन्यजीव रेस्क्यू प्रशिक्षण: धार में 60 वनकर्मियों को मिली खास ट्रेनिंग

ईको सेंटर धार में वनकर्मियों को वन्यजीव रेस्क्यू से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

वन्यजीव रेस्क्यू में दक्षता बढ़ाने वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण

धार, 24 सितंबर 2026। वन्यजीवों के रेस्क्यू कार्य को सुरक्षित, प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से वन मंडल धार द्वारा मैदानी वन अमले को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में 23 सितंबर को ईको सेंटर, धार में वन्यजीव रेस्क्यू से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान वन्यजीव विशेषज्ञ एवं डायरेक्टर, वाइल्ड ट्रेक सर्विसेस, उज्जैन विवेक पगारे ने वनकर्मियों को रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी और आवश्यक तकनीकों की जानकारी दी।

Training Focused on Wildlife Rescue

प्रशिक्षण में वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान, रेस्क्यू प्रबंधन और ऑपरेशन की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया गया। इसके साथ ही रेस्क्यू के दौरान भीड़ प्रबंधन और रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से संभालने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।

वन्यजीवों के उपचार के दौरान उनकी देखभाल, पुनर्वास और ट्रैकिंग से जुड़े विषयों पर भी वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा रेस्क्यू में उपयोग होने वाले उपकरणों की पहचान और उनके संचालन की जानकारी भी दी गई।

सांपों की पहचान और सुरक्षित हैंडलिंग की जानकारी

प्रशिक्षण में सांपों की पहचान और उन्हें सुरक्षित तरीके से हैंडल करने के तरीकों पर विशेष जानकारी दी गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन्यजीव और रेस्क्यू टीम दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बताया गया।

वनकर्मियों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ पशु प्राथमिक उपचार से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी गई, ताकि रेस्क्यू के दौरान घायल वन्यजीवों की देखभाल में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

धार, मांडव और धामनोद के 60 वनकर्मी हुए शामिल

प्रशिक्षण का शुभारंभ प्रशिक्षु आईएफएस एवं प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी धामनोद पंकज चौधरी ने किया। प्रशिक्षण में वन परिक्षेत्र धार, मांडव और धामनोद के लगभग 60 वनकर्मियों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों को रेस्क्यू के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जरूरी तकनीकों और सावधानियों की जानकारी दी गई। साथ ही रेस्क्यू उपकरणों के व्यवहारिक उपयोग को भी समझाया गया।

अलग-अलग वन परिक्षेत्रों में आगे भी होगा प्रशिक्षण

वन्यजीव रेस्क्यू प्रशिक्षण की आगामी कड़ियां भी निर्धारित की गई हैं। 24 सितंबर को वन परिक्षेत्र सरदारपुर, 25 सितंबर को वन परिक्षेत्र बाग और 26 सितंबर को वन परिक्षेत्र कुक्षी में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

वन मंडल धार द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मैदानी वन अमले की रेस्क्यू क्षमता को बढ़ाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से वनकर्मियों को वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान आवश्यक तकनीकों, सावधानियों और उपकरणों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी मिल रही है, जिससे रेस्क्यू कार्य को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

रिपोर्टिंग: आनंद अग्निहोत्री

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ईको सेंटर धार में वनकर्मियों को वन्यजीव रेस्क्यू से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।

वन्यजीव रेस्क्यू में दक्षता बढ़ाने वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण

धार, 24 सितंबर 2026। वन्यजीवों के रेस्क्यू कार्य को सुरक्षित, प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से वन मंडल धार द्वारा मैदानी वन अमले को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में 23 सितंबर को ईको सेंटर, धार में वन्यजीव रेस्क्यू से संबंधित प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान वन्यजीव विशेषज्ञ एवं डायरेक्टर, वाइल्ड ट्रेक सर्विसेस, उज्जैन विवेक पगारे ने वनकर्मियों को रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी और आवश्यक तकनीकों की जानकारी दी।

Training Focused on Wildlife Rescue

प्रशिक्षण में वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों की पहचान, रेस्क्यू प्रबंधन और ऑपरेशन की तैयारी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया गया। इसके साथ ही रेस्क्यू के दौरान भीड़ प्रबंधन और रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से संभालने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।

वन्यजीवों के उपचार के दौरान उनकी देखभाल, पुनर्वास और ट्रैकिंग से जुड़े विषयों पर भी वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा रेस्क्यू में उपयोग होने वाले उपकरणों की पहचान और उनके संचालन की जानकारी भी दी गई।

सांपों की पहचान और सुरक्षित हैंडलिंग की जानकारी

प्रशिक्षण में सांपों की पहचान और उन्हें सुरक्षित तरीके से हैंडल करने के तरीकों पर विशेष जानकारी दी गई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन्यजीव और रेस्क्यू टीम दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बताया गया।

वनकर्मियों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ पशु प्राथमिक उपचार से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी गई, ताकि रेस्क्यू के दौरान घायल वन्यजीवों की देखभाल में आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

धार, मांडव और धामनोद के 60 वनकर्मी हुए शामिल

प्रशिक्षण का शुभारंभ प्रशिक्षु आईएफएस एवं प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी धामनोद पंकज चौधरी ने किया। प्रशिक्षण में वन परिक्षेत्र धार, मांडव और धामनोद के लगभग 60 वनकर्मियों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण के दौरान वनकर्मियों को रेस्क्यू के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जरूरी तकनीकों और सावधानियों की जानकारी दी गई। साथ ही रेस्क्यू उपकरणों के व्यवहारिक उपयोग को भी समझाया गया।

अलग-अलग वन परिक्षेत्रों में आगे भी होगा प्रशिक्षण

वन्यजीव रेस्क्यू प्रशिक्षण की आगामी कड़ियां भी निर्धारित की गई हैं। 24 सितंबर को वन परिक्षेत्र सरदारपुर, 25 सितंबर को वन परिक्षेत्र बाग और 26 सितंबर को वन परिक्षेत्र कुक्षी में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

वन मंडल धार द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मैदानी वन अमले की रेस्क्यू क्षमता को बढ़ाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से वनकर्मियों को वन्यजीव रेस्क्यू के दौरान आवश्यक तकनीकों, सावधानियों और उपकरणों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी मिल रही है, जिससे रेस्क्यू कार्य को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

रिपोर्टिंग: आनंद अग्निहोत्री

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