वराह मार्च को अनुमति नहीं, 75-80 लोग हिरासत में | धार पुलिस

वराह मार्च को अनुमति नहीं, 75-80 लोग हिरासत में | धार पुलिस

अनुमति नहीं मिलने के बावजूद वराह मार्च के लिए निकले लोग, 75-80 हिरासत में

धार, 16 सितंबर 2026। हिन्दू संगठन सनातन प्रहरी द्वारा प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर मंगलवार को धार शहर में पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति पहले ही निरस्त कर दी गई थी। इसके बावजूद विभिन्न स्थानों से कुछ लोग मार्च में शामिल होने के लिए पीजी कॉलेज मैदान की ओर रवाना हुए, जिन्हें पुलिस ने रास्ते में ही हिरासत में ले लिया।

पहले ही निरस्त कर दी गई थी मार्च की अनुमति

पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के अनुसार, पुरातत्व विभाग की संरक्षित इमारत तक मार्च निकालने की सूचना प्रशासन को दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने मार्च की अनुमति पहले ही निरस्त कर दी थी। संगठन के पदाधिकारियों से लगातार संपर्क और समन्वय कर मार्च नहीं निकालने की समझाइश भी दी जा रही थी।

शहर में लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग

एसपी ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से शहर के फिक्स पॉइंट्स पर पुलिस बल की तैनाती के साथ पेट्रोलिंग की जा रही थी। इसके अलावा लोगों को समझाइश देने और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी थी।

मंगलवार सुबह मार्च में शामिल होने के लिए पीजी कॉलेज मैदान की ओर आने वाले लोगों को पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से एहतियातन अभिरक्षा में लिया। पुलिस के अनुसार, करीब 75 से 80 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

बांड भरवाने के बाद छोड़े जाने की संभावना

पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों का आकलन कर उनसे बांड भरवाने की कार्रवाई करेगी। अधिकारियों के अनुसार, यदि संबंधित लोग भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं करने का आश्वासन देते हैं, तो उन्हें छोड़ा जा सकता है।

वहीं, यदि ऐसा नहीं होता है तो नियमानुसार जेल वारंट जारी कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा सकती है।

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वराह मार्च को अनुमति नहीं, 75-80 लोग हिरासत में | धार पुलिस

अनुमति नहीं मिलने के बावजूद वराह मार्च के लिए निकले लोग, 75-80 हिरासत में

धार, 16 सितंबर 2026। हिन्दू संगठन सनातन प्रहरी द्वारा प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर मंगलवार को धार शहर में पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था सख्त रही। प्रशासन द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति पहले ही निरस्त कर दी गई थी। इसके बावजूद विभिन्न स्थानों से कुछ लोग मार्च में शामिल होने के लिए पीजी कॉलेज मैदान की ओर रवाना हुए, जिन्हें पुलिस ने रास्ते में ही हिरासत में ले लिया।

पहले ही निरस्त कर दी गई थी मार्च की अनुमति

पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के अनुसार, पुरातत्व विभाग की संरक्षित इमारत तक मार्च निकालने की सूचना प्रशासन को दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने मार्च की अनुमति पहले ही निरस्त कर दी थी। संगठन के पदाधिकारियों से लगातार संपर्क और समन्वय कर मार्च नहीं निकालने की समझाइश भी दी जा रही थी।

शहर में लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग

एसपी ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से शहर के फिक्स पॉइंट्स पर पुलिस बल की तैनाती के साथ पेट्रोलिंग की जा रही थी। इसके अलावा लोगों को समझाइश देने और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी थी।

मंगलवार सुबह मार्च में शामिल होने के लिए पीजी कॉलेज मैदान की ओर आने वाले लोगों को पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से एहतियातन अभिरक्षा में लिया। पुलिस के अनुसार, करीब 75 से 80 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

बांड भरवाने के बाद छोड़े जाने की संभावना

पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों का आकलन कर उनसे बांड भरवाने की कार्रवाई करेगी। अधिकारियों के अनुसार, यदि संबंधित लोग भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं करने का आश्वासन देते हैं, तो उन्हें छोड़ा जा सकता है।

वहीं, यदि ऐसा नहीं होता है तो नियमानुसार जेल वारंट जारी कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा सकती है।

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