तीन वर्षीय महिम्न मंडलोई को शतरंज के लिए मिली 25 हजार की सहायता

तीन वर्षीय महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन, कलेक्टर ने दी 25 हजार की सहायता

तीन वर्षीय महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन, कलेक्टर ने रेडक्रॉस मद से दी 25 हजार रुपये की सहायता

कम उम्र में शतरंज के प्रति प्रतिभा और रुचि को देखते हुए प्रशिक्षण व आवश्यक संसाधनों के लिए मिला आर्थिक सहयोग

धार, 16 सितंबर 2026। जिले के तीन वर्षीय बालक महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की पहल पर रेडक्रॉस मद से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इतनी कम उम्र में शतरंज जैसे बौद्धिक खेल के प्रति रुचि और प्रतिभा को पहचानते हुए उसे आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाना बालक और उसके परिवार के लिए उत्साहवर्धक पहल माना जा रहा है।

महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को निखारने तथा उसे आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। महज तीन वर्ष की उम्र में शतरंज के प्रति उसकी रुचि और प्रतिभा को देखते हुए परिवार को मिला यह सहयोग उसके आगे के प्रशिक्षण और कोचिंग में उपयोगी साबित होगा।

तीन साल की उम्र में शतरंज के प्रति दिखाई प्रतिभा

महिम्न मंडलोई की उम्र अभी महज तीन वर्ष है, लेकिन इतनी कम उम्र में ही उसने शतरंज जैसे बौद्धिक खेल के प्रति रुचि दिखाई है। शतरंज को एकाग्रता, सोचने-समझने और रणनीति बनाने से जुड़ा खेल माना जाता है। ऐसे में कम उम्र में बालक की प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाना महत्वपूर्ण है।

महिम्न की प्रतिभा को बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए प्रशिक्षण, कोचिंग और आवश्यक संसाधनों की जरूरत है। इसी उद्देश्य से रेडक्रॉस मद से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।

प्रशिक्षण और कोचिंग में मिलेगी मदद

प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग महिम्न के शतरंज प्रशिक्षण और उससे जुड़े आवश्यक संसाधनों के लिए किया जा सकेगा। परिवार के लिए यह सहयोग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कम उम्र से किसी खेल में प्रशिक्षण लेने के लिए नियमित कोचिंग और अन्य संसाधनों की आवश्यकता होती है।

आर्थिक सहयोग मिलने से महिम्न को शतरंज के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। इससे वह बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी खेल क्षमता को विकसित कर सकेगा।

बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश

महिम्न मंडलोई को दी गई आर्थिक सहायता से जिले की अन्य बाल प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित करने का सकारात्मक संदेश मिलता है। प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने से उन्हें अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।

कम उम्र में किसी बच्चे की प्रतिभा सामने आने पर यदि उसे सही दिशा और प्रशिक्षण मिलता है, तो वह भविष्य में अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। महिम्न को दिया गया यह सहयोग भी इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार ने जताया आभार

महिम्न मंडलोई के परिवार ने आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के लिए आभार व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि इस सहयोग से बालक के शतरंज प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

परिवार ने उम्मीद जताई कि महिम्न भविष्य में शतरंज के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेगा और अपनी प्रतिभा के माध्यम से जिले का नाम रोशन करेगा।

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तीन वर्षीय महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन, कलेक्टर ने दी 25 हजार की सहायता

तीन वर्षीय महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को मिला प्रोत्साहन, कलेक्टर ने रेडक्रॉस मद से दी 25 हजार रुपये की सहायता

कम उम्र में शतरंज के प्रति प्रतिभा और रुचि को देखते हुए प्रशिक्षण व आवश्यक संसाधनों के लिए मिला आर्थिक सहयोग

धार, 16 सितंबर 2026। जिले के तीन वर्षीय बालक महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की पहल पर रेडक्रॉस मद से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इतनी कम उम्र में शतरंज जैसे बौद्धिक खेल के प्रति रुचि और प्रतिभा को पहचानते हुए उसे आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाना बालक और उसके परिवार के लिए उत्साहवर्धक पहल माना जा रहा है।

महिम्न मंडलोई की शतरंज प्रतिभा को निखारने तथा उसे आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। महज तीन वर्ष की उम्र में शतरंज के प्रति उसकी रुचि और प्रतिभा को देखते हुए परिवार को मिला यह सहयोग उसके आगे के प्रशिक्षण और कोचिंग में उपयोगी साबित होगा।

तीन साल की उम्र में शतरंज के प्रति दिखाई प्रतिभा

महिम्न मंडलोई की उम्र अभी महज तीन वर्ष है, लेकिन इतनी कम उम्र में ही उसने शतरंज जैसे बौद्धिक खेल के प्रति रुचि दिखाई है। शतरंज को एकाग्रता, सोचने-समझने और रणनीति बनाने से जुड़ा खेल माना जाता है। ऐसे में कम उम्र में बालक की प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ाने के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जाना महत्वपूर्ण है।

महिम्न की प्रतिभा को बेहतर तरीके से विकसित करने के लिए प्रशिक्षण, कोचिंग और आवश्यक संसाधनों की जरूरत है। इसी उद्देश्य से रेडक्रॉस मद से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।

प्रशिक्षण और कोचिंग में मिलेगी मदद

प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग महिम्न के शतरंज प्रशिक्षण और उससे जुड़े आवश्यक संसाधनों के लिए किया जा सकेगा। परिवार के लिए यह सहयोग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कम उम्र से किसी खेल में प्रशिक्षण लेने के लिए नियमित कोचिंग और अन्य संसाधनों की आवश्यकता होती है।

आर्थिक सहयोग मिलने से महिम्न को शतरंज के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा। इससे वह बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी खेल क्षमता को विकसित कर सकेगा।

बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश

महिम्न मंडलोई को दी गई आर्थिक सहायता से जिले की अन्य बाल प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित करने का सकारात्मक संदेश मिलता है। प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाने से उन्हें अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।

कम उम्र में किसी बच्चे की प्रतिभा सामने आने पर यदि उसे सही दिशा और प्रशिक्षण मिलता है, तो वह भविष्य में अपने क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। महिम्न को दिया गया यह सहयोग भी इसी दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार ने जताया आभार

महिम्न मंडलोई के परिवार ने आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के लिए आभार व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि इस सहयोग से बालक के शतरंज प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

परिवार ने उम्मीद जताई कि महिम्न भविष्य में शतरंज के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेगा और अपनी प्रतिभा के माध्यम से जिले का नाम रोशन करेगा।

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