धार में ट्राई (TRAI) का उपभोक्ता संपर्क कार्यक्रम आयोजित; साइबर धोखाधड़ी से बचाव, उपभोक्ता अधिकारों और DND ऐप के प्रति किया जागरूक
धार (मध्य प्रदेश): भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI), क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल द्वारा बुधवार को धार में उपभोक्ता संपर्क कार्यक्रम (COP) का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को दूरसंचार एवं प्रसारण सेवाओं से संबंधित उनके अधिकारों, ट्राई के नवीनतम दिशा-निर्देशों, शिकायत निवारण प्रणाली और साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के उपायों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में उपभोक्ता संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, NRLM के सदस्यों, धार पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रोफेसरों व छात्र-छात्राओं, प्रशासनिक अधिकारियों और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
📡 TRAI की भूमिका और उपभोक्ता हितों का संरक्षण
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए ट्राई क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के सलाहकार श्री संजय कुमार गुप्ता ने दूरसंचार एवं प्रसारण क्षेत्र में ट्राई की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ट्राई विगत वर्षों से सेवा गुणवत्ता (QoS) में सुधार, बिलिंग में पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रहा है।
📱 DND, MyCall और MySpeed ऐप्स का प्रदर्शन
प्रथम सत्र में संयुक्त सलाहकार श्री मन मोहन व्यास और वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी श्री मयूर टोपनो ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी:
उपभोक्ता अधिकार व शिकायत निवारण: टैरिफ, बिलिंग, इंटरकनेक्शन समझौते और अनचाहे कमर्शियल कॉल्स/मैसेज (UCC) पर अंकुश लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया।
डिजिटल ऐप्स की जानकारी: प्रतिभागियों को TRAI DND, TRAI MyCall और TRAI MySpeed मोबाइल ऐप्स की कार्यप्रणाली और उपयोगिता का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया।
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP): उपभोक्ताओं को नंबर बदले बिना कंपनी बदलने (MNP) की प्रक्रिया और अधिकारों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
🔐 साइबर धोखाधड़ी और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के बताए उपाय
दूसरे सत्र में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भोपाल की प्रबंधक श्रीमती लोचन गुप्ता ने साइबर स्वच्छता और डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा पर प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने ऑनलाइन लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, अनधिकृत कॉल्स/लिंक्स से बचने के तरीकों और ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के बारे में प्रतिभागियों को जागरूक किया।
कार्यक्रम के अंत में खुला प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जहाँ विशेषज्ञों ने नागरिकों की शंकाओं का समाधान किया और उनके सुझाव प्राप्त किए।




































































































