बदनावर के सांदीपनि विद्यालय का अनूठा नवाचार: 'डिजिटल ज्ञान वाटिका' में बदला स्कूल का बगीचा; QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी पेड़-पौधों की पूरी जानकारी
बदनावर/धार (मध्य प्रदेश): अब पेड़-पौधों की सही पहचान, उनके औषधीय गुणों और वैज्ञानिक महत्व को जानने के लिए किताबों के पन्ने पलटने की आवश्यकता नहीं होगी। बदनावर स्थित सांदीपनि विद्यालय ने शिक्षा और तकनीक का अनूठा मेल प्रस्तुत करते हुए अपने मुख्य परिसर की लघु वाटिका को ‘डिजिटल ज्ञान वाटिका’ के रूप में विकसित किया है।
यहाँ 50 से अधिक विविध प्रजातियों के पेड़-पौधों पर विशेष QR Code लगाए गए हैं। विद्यार्थी जैसे ही अपने मोबाइल से इन क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, स्क्रीन पर संबंधित पौधे का वैज्ञानिक नाम, उसके दैनिक व औषधीय उपयोग तथा पर्यावरण में उसके महत्व की संपूर्ण जानकारी आ जाएगी।
🌿 चंदन से लेकर पीपल-नीम तक: 50 से अधिक प्रजातियों पर लगे QR कोड
माध्यमिक प्रधानाध्यापिका त्रिलोचना राठौर के नेतृत्व एवं प्रवीण पटले के संचालन में इस प्रोजेक्ट आधारित गतिविधि को अंजाम दिया गया।
इस डिजिटल ज्ञान वाटिका में कई महत्वपूर्ण और औषधीय प्रजातियों को शामिल किया गया है:
प्रमुख पौधे: चंदन, अशोक, आम, पीपल, नीम, सीताफल, रामफल, जामुन और मोरपंखी आदि।
सीखने का नया तरीका: इस तकनीक से विद्यार्थियों को चारदीवारी से बाहर निकलकर प्रकृति के बीच रहकर प्रयोगात्मक रूप से सीखने का अवसर मिलेगा।
📱 डिजिटल साक्षरता और पर्यावरण जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य रियाजुद्दीन शेख ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए बताया कि इस नवाचार से बच्चों में डिजिटल साक्षरता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी समझ पैदा होगी।
कार्यक्रम के दौरान रमेश खराड़ी, विनोद कुमार, जितेंद्र सोनिगरा, नारायण सिंह शक्तावत, रानी चोपड़ा, चंदा प्रजापत एवं शुभम उपाध्याय सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित रहे।




































































































