सरदारपुर पुलिस की बड़ी सफलता: माही नदी के तट और खेतों में सघन सर्चिंग के बाद 9 साल की मासूम बालिका सकुशल दस्तयाब
धार (मध्य प्रदेश): धार जिले की सरदारपुर थाना पुलिस ने तत्परता, संवेदनशीलता और उत्कृष्ट टीमवर्क का परिचय देते हुए एक 9 वर्षीय मासूम बालिका को गुमशुदगी के बाद बेहद कम समय में सकुशल खोज निकाला है। पुलिस ने माही नदी के तटों, जंगलों, खेतों और सुनसान इलाकों में दिन-रात सघन चेकिंग और सर्च ऑपरेशन चलाकर बालिका को परिजनों से मिलाया है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 03 अक्टूबर 2026 की है, जब ग्राम टिमायची निवासी फरियादिया शांताबाई पति मनु परमार ने थाना सरदारपुर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 9 वर्षीय बेटी बिना बताए घर से कहीं चली गई है। काफी खोजबीन के बाद भी जब बालिका का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने पुलिस की शरण ली।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए सरदारपुर पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 253/2026, धारा 137(2) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
खेतों, झाड़ियों और माही नदी के तटों पर चलाया गया सर्च ऑपरेशन
नाबालिग बालिका की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक धार श्री सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (उत्तर) श्रीमती पारुल बेलापुरकर एवं एसडीओपी सरदारपुर श्री विश्वदीपसिंह परिहार के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने ग्राम टिमायची, भानगढ़ एवं आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया।
संभावित स्थलों की बारीकी से तलाश: पुलिस ने खेतों, घनी झाड़ियों, सुनसान स्थानों, कच्चे रास्तों तथा माही नदी के तटीय क्षेत्रों में दिन-रात सर्च ऑपरेशन चलाया।
तकनीकी व मानवीय संसाधनों का इस्तेमाल: स्थानीय नेटवर्क, मानवीय सूचनाओं और तकनीकी साधनों का समन्वय कर बालिका की तलाश की गई।
सतत और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप 9 वर्षीय मासूम बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला गया और सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी बेटी को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस का आभार जताया।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में सरदारपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार जाधव, अमझेरा थाना प्रभारी निरीक्षक राजू मकवाना, राजगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक समीर पाटीदार, राजोद थाना प्रभारी निरीक्षक खेरसिंह बंडे, उनि जगदीशचन्द्र निजामा, सउनि शराफत हुसैन कुरैशी, सउनि मनोज परमार, आरक्षक मनोज जादवले, विजेन्द्र डागरे, सोरभ गौर, दिलीप सिंगार, क्रांतिसिंह तोमर एवं सैनिक देवेंद्र पंवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




































































































