सेवा संकल्प अभियान: इही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का कार्य पूर्ण, धार और अलीराजपुर के 126 गांवों की 47 हजार हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई का पानी

सेवा संकल्प अभियान: कहानी बदलाव की — इही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से चमकेगी धार और अलीराजपुर के 126 गांवों की तकदीर; 47 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पहुंचेगा नर्मदा का पानी

धार/अलीराजपुर (मध्य प्रदेश): धार एवं अलीराजपुर जिले के किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और सुलभ जल उपलब्ध कराने की दिशा में इही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। लगभग ₹1,353.18 करोड़ की लागत वाली इस वृहद परियोजना का निर्माण कार्य 30 जून 2026 को सफलताપूर्वक पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में इसके परीक्षण (Testing) का कार्य तेजी से प्रगतिरत है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से दोनों जिलों के 126 गांवों के लगभग 47 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में रबी की फसलों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र के 1 लाख 26 हजार कृषक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

💰 प्रशासनिक स्वीकृति और वित्तीय सफर

मध्य प्रदेश शासन के नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना को 24 मई 2019 को ₹11,257.28 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी, जिसके तहत कार्य के दौरान 3 अक्टूबर 2023 को ₹1,353.18 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई। इसका भूमिपूजन 26 फरवरी 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ द्वारा किया गया था। इस वृहद कार्य के लिए मेसर्स लक्ष्मी सिविल इंजीनियरिंग सर्विसेज प्रा. लि., कोल्हापुर के साथ ₹1,037.25 करोड़ का अनुबंध किया गया था।

⚙️ आधुनिक दबावयुक्त भूमिगत पाइपलाइन तकनीक से पहुंचेगा खेतों तक पानी

इस पूरी परियोजना में जल की एक-एक बूंद का सदुपयोग करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है:

  • इनटेक संरचना: नर्मदा नदी से इही तहसील के ग्राम कातरखेड़ा के समीप इनटेक संरचना के जरिए पानी का उद्वहन किया जाएगा।

  • पंप हाउस नेटवर्क: परियोजना के तहत कुल 5 आधुनिक पंप हाउस बनाए गए हैं—पंप हाउस-1 व 2 (ग्राम कातरखेड़ा), पंप हाउस-3 (ग्राम वासनतलाई), पंप हाउस-4 (ग्राम मालपुरा) और पंप हाउस-5 (ग्राम इन्दवान, तहसील जोबट)।

  • पाइपलाइन विस्तार: खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए लगभग 58 किलोमीटर राइजिंग मेन तथा 3,475 किलोमीटर कुल वितरण पाइपलाइन (विभिन्न चरणों में) बिछाई गई है। इससे आधुनिक दबावयुक्त भूमिगत प्रणाली के जरिए बिना पानी व्यर्थ किए खेतों तक सिंचाई जल पहुँचेगा।

📊 तहसील और विधानसभा वार लाभ की स्थिति

इस परियोजना से धार और अलीराजपुर के ग्रामीण अंचल की तस्वीर बदलने वाली है:

  • धार जिला: कुक्षी तहसील में 13,180 हेक्टेयर तथा इही तहसील में 15,895 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।

  • अलीराजपुर जिला: जोबट तहसील में 15,963 हेक्टेयर, सोंडवा तहसील में 1,759 हेक्टेयर तथा अलीराजपुर तहसील में 1,958 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

  • विधानसभा क्षेत्रवार: कुक्षी विधानसभा क्षेत्र में 29,079 हेक्टेयर, जोबट विधानसभा क्षेत्र में 15,963 हेक्टेयर और अलीराजपुर विधानसभा क्षेत्र में 1,958 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

इससे गेहूं, चना, सब्जियों और चारा फसलों की पैदावार बढ़ेगी, जिससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

⚡ विद्युत व्यवस्था और आगामी संचालन

परियोजना के सुचारू संचालन के लिए 58.87 मेगावाट विद्युत की आवश्यकता होगी, जिसके लिए एमपी ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा कुक्षी (220 केवी) और जोबट (132 केवी) उपकेंद्रों से बिजली की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। कार्य एजेंसी द्वारा आगामी पाँच वर्षों तक इस परियोजना का संचालन और संधारण (Operation & Maintenance) किया जाएगा, ताकि किसानों को निरंतर और निर्बाध जल आपूर्ति मिलती रहे।

आदिवासी बहुल इन क्षेत्रों में इस परियोजना के पूर्ण संचालन से किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

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सेवा संकल्प अभियान: कहानी बदलाव की — इही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से चमकेगी धार और अलीराजपुर के 126 गांवों की तकदीर; 47 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पहुंचेगा नर्मदा का पानी

धार/अलीराजपुर (मध्य प्रदेश): धार एवं अलीराजपुर जिले के किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और सुलभ जल उपलब्ध कराने की दिशा में इही माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। लगभग ₹1,353.18 करोड़ की लागत वाली इस वृहद परियोजना का निर्माण कार्य 30 जून 2026 को सफलताપूर्वक पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में इसके परीक्षण (Testing) का कार्य तेजी से प्रगतिरत है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से दोनों जिलों के 126 गांवों के लगभग 47 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में रबी की फसलों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र के 1 लाख 26 हजार कृषक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

💰 प्रशासनिक स्वीकृति और वित्तीय सफर

मध्य प्रदेश शासन के नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना को 24 मई 2019 को ₹11,257.28 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी, जिसके तहत कार्य के दौरान 3 अक्टूबर 2023 को ₹1,353.18 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई। इसका भूमिपूजन 26 फरवरी 2020 को तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ द्वारा किया गया था। इस वृहद कार्य के लिए मेसर्स लक्ष्मी सिविल इंजीनियरिंग सर्विसेज प्रा. लि., कोल्हापुर के साथ ₹1,037.25 करोड़ का अनुबंध किया गया था।

⚙️ आधुनिक दबावयुक्त भूमिगत पाइपलाइन तकनीक से पहुंचेगा खेतों तक पानी

इस पूरी परियोजना में जल की एक-एक बूंद का सदुपयोग करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है:

  • इनटेक संरचना: नर्मदा नदी से इही तहसील के ग्राम कातरखेड़ा के समीप इनटेक संरचना के जरिए पानी का उद्वहन किया जाएगा।

  • पंप हाउस नेटवर्क: परियोजना के तहत कुल 5 आधुनिक पंप हाउस बनाए गए हैं—पंप हाउस-1 व 2 (ग्राम कातरखेड़ा), पंप हाउस-3 (ग्राम वासनतलाई), पंप हाउस-4 (ग्राम मालपुरा) और पंप हाउस-5 (ग्राम इन्दवान, तहसील जोबट)।

  • पाइपलाइन विस्तार: खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए लगभग 58 किलोमीटर राइजिंग मेन तथा 3,475 किलोमीटर कुल वितरण पाइपलाइन (विभिन्न चरणों में) बिछाई गई है। इससे आधुनिक दबावयुक्त भूमिगत प्रणाली के जरिए बिना पानी व्यर्थ किए खेतों तक सिंचाई जल पहुँचेगा।

📊 तहसील और विधानसभा वार लाभ की स्थिति

इस परियोजना से धार और अलीराजपुर के ग्रामीण अंचल की तस्वीर बदलने वाली है:

  • धार जिला: कुक्षी तहसील में 13,180 हेक्टेयर तथा इही तहसील में 15,895 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।

  • अलीराजपुर जिला: जोबट तहसील में 15,963 हेक्टेयर, सोंडवा तहसील में 1,759 हेक्टेयर तथा अलीराजपुर तहसील में 1,958 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

  • विधानसभा क्षेत्रवार: कुक्षी विधानसभा क्षेत्र में 29,079 हेक्टेयर, जोबट विधानसभा क्षेत्र में 15,963 हेक्टेयर और अलीराजपुर विधानसभा क्षेत्र में 1,958 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी।

इससे गेहूं, चना, सब्जियों और चारा फसलों की पैदावार बढ़ेगी, जिससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

⚡ विद्युत व्यवस्था और आगामी संचालन

परियोजना के सुचारू संचालन के लिए 58.87 मेगावाट विद्युत की आवश्यकता होगी, जिसके लिए एमपी ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा कुक्षी (220 केवी) और जोबट (132 केवी) उपकेंद्रों से बिजली की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। कार्य एजेंसी द्वारा आगामी पाँच वर्षों तक इस परियोजना का संचालन और संधारण (Operation & Maintenance) किया जाएगा, ताकि किसानों को निरंतर और निर्बाध जल आपूर्ति मिलती रहे।

आदिवासी बहुल इन क्षेत्रों में इस परियोजना के पूर्ण संचालन से किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

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