वृहद निर्माण और पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा: कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने दिए निर्देश; दिसंबर तक कार्य पूर्ण करने की सख्त हिदायत
धार (मध्य प्रदेश): कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत की वृहद निर्माण एवं विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, जल निगम और एमपीआईडीसी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने, आपसी समन्वय से बाधाओं को दूर करने और तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
🌉 मनावर के सेमल्दा मार्ग पुल और एनएचएआई परियोजनाओं पर जोर
कलेक्टर श्री मीना ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए:
सेमल्दा मार्ग पुल: उन्होंने मनावर के सेमल्दा मार्ग पर नर्मदा नदी में निर्माणाधीन पुल के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
एनएचएआई कार्य: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (इंदौर) के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान व्हीकल अंडरपास और सर्विस रोड के निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
🚰 जल निगम और पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा, दिसंबर तक काम पूरा करने के निर्देश
पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
छूटी बसाहटों का सर्वे: जो हैबिटेशन (बसाहटें) अभी तक पेयजल परियोजनाओं में शामिल नहीं हो पाई हैं, वहाँ पानी की उपलब्धता के लिए तुरंत सर्वे कराया जाए और कार्ययोजना तैयार की जाए।
मान डैम और नर्मदा परियोजना: मान डैम मल्टी-विलेज स्कीम (MVS) की प्रगति की समीक्षा करते हुए नर्मदा नदी के ऊपरी क्षेत्र के गांवों की जानकारी ली गई।
दिसंबर तक लक्ष्य: सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्रों में पेयजल परियोजनाओं की नियमित निगरानी रखें और दिसंबर माह तक हर हाल में कार्य पूर्ण कराएं ताकि जनता को समय पर राहत मिल सके।
📋 कलेक्टर कार्यालय भवन, धरती आबा अभियान और अन्य विकास कार्य
बैठक के दौरान कलेक्टर कार्यालय के निर्माणाधीन नए भवन के कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा:
धरती आबा अभियान: इसके तहत विद्युत संबंधी कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।
सांदीपनि विद्यालय व एमपीआईडीसी: सांदीपनि विद्यालय, एमपीआईडीसी (MPIDC) से जुड़ी परियोजनाओं और कुक्षी माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के कार्यों की समीक्षा कर उन्हें गति देने के निर्देश प्रदान किए गए।




































































































