जिला चिकित्सालय धार में स्थापित हुई विशेष 'चेस्ट क्लीनिक': 15 अक्टूबर से 28 फरवरी तक मिलेगा वायु प्रदूषण व सांस संबंधी बीमारियों का इलाज
धार (मध्य प्रदेश): वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों की समय पर पहचान, जांच एवं बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय धार में विशेष ‘चेस्ट क्लीनिक’ की स्थापना की गई है। राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मध्य प्रदेश एवं भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह विशेष क्लीनिक 15 अक्टूबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित की जाएगी।
इस चेस्ट क्लीनिक में सभी आयु वर्ग के नागरिकों को वायु प्रदूषण से उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग, बीमारी का निदान, मुफ्त दवाइयां, चिकित्सकीय परामर्श एवं नियमित फॉलोअप की सुविधा मिलेगी।
🩺 आधुनिक जांच उपकरण और इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध
सांस एवं सीने से संबंधित समस्याओं से प्रभावित मरीजों की सटीक जांच व त्वरित इलाज के लिए चेस्ट क्लीनिक में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं:
उपलब्ध उपकरण व दवाएं: ऑक्सीजन सिलेंडर, नेबुलाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर, स्पाइरोमीटर (Spirometer) तथा आवश्यक दवाइयां।
अन्य यूनिट्स से समन्वय: मरीजों को संपूर्ण इलाज प्रदान करने के लिए चेस्ट क्लीनिक को गैर-संचारी रोग नियंत्रण क्लीनिक (NCD Clinic), तंबाकू मुक्ति केंद्र तथा टीबी (TB) यूनिट के साथ जोड़ा (Coordinate) गया है।
😷 मास्क के उपयोग और बचाव के दिए जाएंगे टिप्स
क्लीनिक में उपचार के साथ-साथ मरीजों व उनके परिजनों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए जागरूक भी किया जाएगा:
सुबह और देर शाम प्रदूषण अधिक होने पर बाहरी सैर से बचें।
धूम्रपान का पूर्णतः त्याग करें और घरों में सूखे झाड़ू के बजाय गीले पोछे का उपयोग करें।
पराली और कचरा न जलाएं तथा खाना बनाने के लिए एलपीजी/बिजली जैसे स्वच्छ ईंधन का प्रयोग करें।
अत्यधिक प्रदूषण की स्थिति में N-95 या N-99 मास्क पहनने की सलाह दी जाएगी।
📢 स्वास्थ्य विभाग की अपील: लक्षण दिखते ही लें डॉक्टरी सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वायु प्रदूषण के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, सीने में जकड़न, सांस लेने में तकलीफ या घबराहट जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना किसी लापरवाही के जिला चिकित्सालय धार में स्थापित चेस्ट क्लीनिक में आकर विशेषज्ञों से निःशुल्क परामर्श व जांच कराएं।




































































































