पीथमपुर में चोरी की मोटरसाइकिलों और पिकअप के साथ पुलिस टीम।
थाना सेक्टर-1 पीथमपुर पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल बेचते समय एक शातिर वाहन चोर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी से चोरी की 2 मोटरसाइकिलें और एक पिकअप वाहन बरामद हुआ है, जिनकी कुल कीमत करीब 4.5 लाख रुपए बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी टीम
सेक्टर-1 पीथमपुर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और चोरी गए वाहनों व आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक धार सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारूल बेलापुरकर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
इन निर्देशों के पालन में नगर पुलिस अधीक्षक पीथमपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण ठाकरे ने पुलिस टीम गठित की। टीम को अज्ञात वाहन चोरों और चोरी गई मोटरसाइकिलों की तलाश के लिए रवाना किया गया।
मुखबिर की सूचना पर रंगे हाथों पकड़ा
दिनांक 4 अक्टूबर 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति चोरी की मोटरसाइकिल बेचने की फिराक में सुदर्शन कॉम्प्लेक्स के पीछे, जी-9 होटल के पास, पीथमपुर में मौजूद है।
सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी लखन पिता विक्रम कुशवाह (34 वर्ष) को चोरी की मोटरसाइकिल बेचते हुए मौके से पकड़ लिया।
पूछताछ में कई चोरियां कबूलीं
पूछताछ में आरोपी ने सेक्टर-1 पीथमपुर थाना क्षेत्र से मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया। उसने पीथमपुर के अलावा अन्य थाना क्षेत्रों से भी मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल की।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 2 चोरी की मोटरसाइकिलें और एक पिकअप वाहन बरामद कर विधिवत जब्त किए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 4.5 लाख रुपए है।
गिरफ्तार आरोपी
- नाम: लखन पिता विक्रम कुशवाह
- उम्र: 34 वर्ष
- निवासी: ग्राम गंगापुर भोराई, थाना बड़वाह, जिला खरगोन
जब्त मशरूका
- चोरी की 2 मोटरसाइकिलें
- एक पिकअप वाहन
- कुल अनुमानित कीमत: करीब 4.5 लाख रुपए
आगे की कार्रवाई
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर चोरी की अन्य घटनाओं और उनमें शामिल दूसरे आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक प्रवीण ठाकरे, प्रधान आरक्षक राकेश कटारिया (875), महेश यादव (225), सुधीर यादव (299), मुकेश गिरवाल (207), अनिल द्विवेदी (881), प्रधान आरक्षक राहुल बोडले, आरक्षक राहुल भदौरिया (987), विक्की कुशवाह (379), महेन्द्र राजपूत (905), सुरेश चौहान (923) और शिवम (999) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




































































































