B.Tech के बाद नौकरी छोड़ शुरू किया मछली पालन: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से धार के दद्दू बने आत्मनिर्भर, हर साल ₹2.50 लाख का शुद्ध लाभ
धार (मध्य प्रदेश): सही अवसर की पहचान, शासन की योजनाओं का लाभ और कड़ी मेहनत किस तरह किसी व्यक्ति का जीवन बदल सकती है, इसका मिसाल बना है धार जिला। धार जिले के विकासखंड उमरबन के ग्राम करोदियामोटा निवासी श्री दद्दू (पिता श्री शोभाराम) ने बी.टेक. (B.Tech) की डिग्री पूरी करने और पावर हाउस में नौकरी करने के बाद स्वरोजगार का रास्ता चुना। आज वे प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के माध्यम से अपनी निजी भूमि पर मछली पालन कर सालाना ₹2.50 लाख का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।
समाचार पत्र में मिली योजना की जानकारी ने बदला जीवन
बी.टेक. की शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री दद्दू पावर हाउस में नौकरी कर रहे थे, लेकिन उनके मन में हमेशा से खुद का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा थी। इसी दौरान उन्हें स्थानीय समाचार पत्र के माध्यम से भारत सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मिली।
उन्होंने तुरंत मत्स्य पालन विभाग, जिला धार से संपर्क किया और योजना के नियम, पात्रता एवं तकनीकी बारीकियों की जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों के उचित मार्गदर्शन के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर अपनी निजी भूमि पर मत्स्य पालन को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया।
0.50 हेक्टेयर के तालाब के लिए मिला ₹3.30 लाख का अनुदान
योजना के तहत श्री दद्दू ने अपनी निजी भूमि पर 0.50 हेक्टेयर क्षेत्र में नया तालाब बनवाया:
इकाई लागत: तालाब निर्माण एवं मत्स्य पालन की कुल इकाई लागत ₹5.50 लाख निर्धारित थी।
शासकीय सब्सिडी: योजना के प्रावधानों के अनुसार मार्च 2023 में उन्हें ₹3.30 लाख का अनुदान (Subsidy) प्राप्त हुआ।
इस आर्थिक सहायता ने उन्हें मत्स्य पालन व्यवसाय की शुरुआत के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया।
पंगेशियस मछली पालन से 5.50 टन उत्पादन और ₹5.50 लाख की आय
अनुभव न होने के कारण श्री दद्दू ने मत्स्य पालन विभाग के विशेषज्ञों से लगातार तकनीकी सलाह ली। उनके मार्गदर्शन में उन्होंने तालाब में पंगेशियस (Pangasius) प्रजाति की मछली का पालन शुरू किया।
उचित आहार, नियमित देखभाल और दवाइयों के सही उपयोग से पहली ही उत्पादन अवधि में शानदार परिणाम मिले:
कुल उत्पादन: लगभग 5.50 टन मछली।
कुल बिक्री आय: ₹5.50 लाख।
शुद्ध लाभ: समस्त खर्च निकालने के बाद ₹2.50 लाख का शुद्ध लाभ।
केसीसी (KCC) से मिली ₹2 लाख की अतिरिक्त कार्यशील पूंजी
मत्स्य पालन के दैनिक संचालन को सुचारु रूप से चलाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI), शाखा धामनोद के माध्यम से उन्हें ₹2 लाख का किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) भी जारी किया गया है। इससे उन्हें बीज, दाना और अन्य इनपुट्स खरीदने में वित्तीय आसानी हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जताया आभार
अपनी इस सफलता से बेहद उत्साहित श्री दद्दू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में वरदान साबित हो रही है।
आज श्री दद्दू धार जिले के अन्य युवाओं और शिक्षित किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुके हैं, जो अपने गांव में रहकर ही स्वरोजगार के माध्यम से अच्छी कमाई करना चाहते हैं।




































































































