राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत धार जिले की 270 ग्राम पंचायतों को टी.बी. मुक्त घोषित किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 'JOSH' टीम का शुभारंभ किया।
टी.बी. मुक्त भारत अभियान: धार जिले की 270 ग्राम पंचायतें हुईं टी.बी. मुक्त, सरपंच और सचिव सम्मानित
धार (मध्य प्रदेश): राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत ‘टी.बी. मुक्त भारत अभियान’ को नई गति देने के उद्देश्य से 8 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा द्वारा नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम से JOSH (Joint Squad for Health – टी.बी. मुक्त भारत टीम) का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय धार के आई.पी.पी.-06 भवन में भारत मंडपम से आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया।
270 ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों का हुआ सम्मान
केंद्रीय कार्यक्रम के सीधा प्रसारण के उपरांत वर्ष 2025 में धार जिले की उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 270 ग्राम पंचायतों को ‘टी.बी. मुक्त’ घोषित किया गया।
जिले को टी.बी. मुक्त बनाने में सराहनीय योगदान देने के लिए तीसगांव, तिरला एवं नालछा विकासखंड की ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने टी.बी. उन्मूलन के लिए समाज की सक्रिय भूमिका पर प्रकाश डाला।
समय पर जांच व उपचार: टी.बी. के लक्षणों की पहचान कर तुरंत जांच कराने और पूरा इलाज लेने के महत्व को समझाया गया।
ग्राम पंचायतों की भूमिका: टी.बी. मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
इस गरिमामय कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, एनसीसी (NCC) कैडेट्स, ‘माय भारत’ वॉलंटियर्स, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के प्रतिनिधि एवं जिला क्षय केंद्र के कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।




































































































