धार में ई-पैक्स कम्प्यूटरीकरण को मिलेगी रफ्तार, कलेक्टर ने नवीन बी-पैक्स को योजना से जोड़ने पर दिए निर्देश
धार, 28 सितंबर 2026। जिले में सहकारिता व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति (DLIMC) की बैठक कलेक्टर सभागृह में आयोजित की गई।
बैठक में जिले में संचालित पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना, ई-पैक्स की प्रगति और नवीन बी-पैक्स को योजना से जोड़ने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही गबन-धोखाधड़ी तथा जिला सहकारी विकास समिति से संबंधित विषयों पर भी बैठक आयोजित की गई।
94 संस्थाओं में ई-पैक्स की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, धार से संबद्ध 94 संस्थाओं की पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना के अंतर्गत ई-पैक्स की प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए कम्प्यूटरीकरण कार्य को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। डिजिटल व्यवस्था से सहकारी संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
नवीन बी-पैक्स को भी योजना में शामिल करने पर चर्चा
जिले में गठित नवीन बी-पैक्स को पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना में शामिल किए जाने के संबंध में बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कलेक्टर ने नवीन बी-पैक्स के कम्प्यूटरीकरण के लिए आवश्यक हार्डवेयर की उपलब्धता तथा जिला स्तरीय समिति द्वारा किए जाने वाले अनुमोदन की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बिना भवन वाले बी-पैक्स के लिए होगी वैकल्पिक व्यवस्था
बैठक में ऐसे बी-पैक्स की भी पहचान करने पर चर्चा हुई, जहां कार्यालय संचालन के लिए वर्तमान में भवन उपलब्ध नहीं है। कलेक्टर ने ऐसे संस्थानों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था किए जाने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा।
इसके लिए शासकीय भवनों के साथ-साथ सहकारिता विभाग, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत अथवा किराये के भवन में कार्यालय संचालित करने के विकल्पों पर चर्चा की गई।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भवन की कमी के कारण सहकारी संस्थाओं के कामकाज में किसी तरह की बाधा न आए और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सहकारी सेवाएं आसानी से मिल सकें।
समिति में तीन प्राथमिक कृषि साख समितियों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
बैठक में कलेक्टर द्वारा नामांकित तीन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों को रोटेशन के आधार पर समिति में सदस्य के रूप में शामिल किए जाने के संबंध में भी चर्चा की गई।
इससे सहकारी संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने और जमीनी स्तर की आवश्यकताओं को समिति के समक्ष रखने में मदद मिलेगी।
सहकारी संस्थाओं को आधुनिक बनाने पर जोर
बैठक में समिति द्वारा ई-पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ नवीन बी-पैक्स को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए कम्प्यूटरीकरण की यह प्रक्रिया संस्थाओं के कामकाज को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और आवश्यक अनुमोदन एवं व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।




































































































