PMFME योजना से मिला व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर
धार, 19 सितंबर 2026। मनावर तहसील के ग्राम सिरसाला निवासी 23 वर्षीय युवा उद्यमी आर्यन पाटीदार ने मेहनत, अनुभव और सरकारी योजना के सहयोग से खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपना व्यवसाय स्थापित किया है। किसान परिवार से आने वाले आर्यन ने कृषि पर निर्भर रहने के बजाय उद्यमिता का रास्ता चुना और परमल एवं मुरमुरा निर्माण की अपनी इकाई स्थापित की।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के सहयोग से शुरू हुई उनकी इकाई आज न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि 6 से 7 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध करा रही है।
MBA के बाद री-पैकिंग और मार्केटिंग से शुरू किया सफर
आर्यन पाटीदार ने इंदौर के बीएम कॉलेज से MBA की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सीधे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने के बजाय खाद्य उत्पादों की री-पैकिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में करीब 2 से 3 वर्षों तक काम किया।
इस दौरान उन्होंने खुले में उपलब्ध खाद्य उत्पादों को पैक कर अपने ब्रांड के माध्यम से बाजार तक पहुंचाया। काम के दौरान उन्हें बाजार की मांग, ग्राहकों की पसंद और वितरण व्यवस्था को समझने का अवसर मिला।
धीरे-धीरे उन्होंने अपने उत्पादों के लिए ग्राहक आधार तैयार किया और डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क भी विकसित किया। इसी अनुभव ने उन्हें अपनी स्वयं की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का आत्मविश्वास दिया।
पोस्टर से मिली PMFME योजना की जानकारी
मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए पूंजी की आवश्यकता थी। इसी दौरान धार स्थित उद्यानिकी विभाग में लगे एक पोस्टर के माध्यम से आर्यन को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना यानी PMFME की जानकारी मिली।
इसके बाद उन्होंने विभाग से संपर्क किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें योजना, पात्रता और ऋण-अनुदान प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन दिया। योजना और बैंक सहयोग से आवश्यक वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने सितंबर 2025 में अपनी मैन्युफैक्चरिंग इकाई स्थापित की।
11.49 लाख रुपये की इकाई, 4.01 लाख रुपये की अनुदान सहायता
आर्यन पाटीदार की इकाई की कुल लागत 11.49 लाख रुपये रही। PMFME योजना के अंतर्गत उन्हें परियोजना लागत का 35 प्रतिशत यानी 4.01 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।
इस सहयोग से उन्होंने आधुनिक मशीनरी और आवश्यक उपकरण स्थापित किए। इकाई में उत्पादन प्रक्रिया के साथ उत्पादों की गुणवत्ता, स्वच्छता और पैकेजिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
परमल और मुरमुरा का उत्पादन, जिले में तैयार किया बाजार
आर्यन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कच्चे माल का उपयोग कर परमल और मुरमुरा तैयार कर रहे हैं। बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से उन्होंने अपने उत्पादों के लिए बाजार तैयार किया है।
वर्तमान में उनके उत्पाद जिले के विभिन्न स्थानों तक डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के माध्यम से पहुंच रहे हैं। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए वे अपनी इकाई को पूरी तरह ऑटोमैटिक प्लांट में परिवर्तित करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।
आर्यन के अनुसार, आने वाले 2 माह में पूरी तरह ऑटोमैटिक प्लांट स्थापित करने की योजना है। इसके माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बाजार का विस्तार करने का लक्ष्य है।
व्यवसाय से 7 से 8 लाख रुपये वार्षिक लाभ
उद्यम स्थापित होने के बाद आर्यन पाटीदार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। वर्तमान में उन्हें व्यवसाय से लगभग 7 से 8 लाख रुपये वार्षिक लाभ प्राप्त हो रहा है।
उनकी इकाई स्थानीय स्तर पर रोजगार का माध्यम भी बनी है। वर्तमान में 6 से 7 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।
इस तरह आर्यन का व्यवसाय केवल उनके आर्थिक सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी माध्यम बन रहा है।
युवाओं के लिए आर्यन का संदेश
आर्यन पाटीदार का कहना है कि युवाओं को नौकरी की तलाश के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों पर भी ध्यान देना चाहिए। मेहनत और लगन के साथ यदि शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका सही उपयोग किया जाए, तो छोटे स्तर से शुरू किया गया व्यवसाय भी आगे चलकर रोजगार देने वाला उद्यम बन सकता है।
योजना और मेहनत से बदली दिशा
आर्यन पाटीदार की कहानी कृषि परिवार से निकलकर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की कहानी है। MBA की पढ़ाई के बाद खाद्य उत्पादों की री-पैकिंग और मार्केटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की।
PMFME योजना की जानकारी, विभागीय मार्गदर्शन, बैंक सहयोग और स्वयं की मेहनत के जरिए उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। आज उनका परमल और मुरमुरा निर्माण व्यवसाय उन्हें आर्थिक मजबूती देने के साथ 6 से 7 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है।




































































































