एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख: कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक का अनुभव, तेजस प्रोजेक्ट को देंगे नई रफ्तार
भारतीय वायुसेना की कमान अब एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के हाथों में: 29वें एयर चीफ बने, कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक का 40 साल का समृद्ध अनुभव
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) को नया नेतृत्व मिल गया है। वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने देश के 29वें वायुसेना प्रमुख (Air Force Chief) के रूप में आधिकारिक पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लिया है।
कारगिल युद्ध (‘ऑपरेशन सफेद सागर’) से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन रक्षक’ जैसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों में अग्रिम भूमिका निभा चुके नए एयर चीफ के पास लगभग चार दशकों (40 वर्षों) का विशाल और समृद्ध सैन्य अनुभव है। उनकी इस नियुक्ति से देश में स्वदेशी रक्षा तकनीक, आत्मनिर्भरता और ‘तेजस’ (LCA Tejas) जैसे स्वदेशी फाइटर जेट्स के निर्माण कार्यक्रम को अभूतपूर्व गति मिलने की पूरी संभावना है।
✈️ 3500 घंटे की उड़ान का अनुभव और स्वदेशी अभियानों के कर्णधार
9 दिसंबर 1966 को जन्मे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) के पूर्व छात्र रहे हैं।
एक कुशल प्रायोगिक परीक्षण पायलट (Experimental Test Pilot) और योग्य उड़ान प्रशिक्षक होने के नाते उनके पास विभिन्न प्रकार के युद्धक विमानों को उड़ाने का 3,500 से अधिक घंटों का विशाल अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने मिराज-2000, मिग श्रृंखला के विमानों, जगुआर, किरण, IL-78, हॉक और स्वदेशी फाइटर जेट तेजस को सफलतापूर्वक उड़ाया है।
वर्ष 2023 में उन्होंने वायुसेना उपप्रमुख रहते हुए स्वदेशी लड़ाकू विमान परियोजनाओं की बारीकी से समीक्षा की थी। अब एयर चीफ के रूप में उनकी प्राथमिकता वायुसेना की मारक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देना रहेगा।
🎖️ मुख्य जिम्मेदारियां एवं वीरता पदक
अपने चार दशक लंबे गौरवशाली करियर में एयर मार्शल दीक्षित ने सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) के प्रमुख और वायुसेना उपप्रमुख जैसी कई अति-संवेदनशील कमान संभाली हैं।
राष्ट्र सेवा में उनके उत्कृष्ट और विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है:
वर्ष 2006: वायु सेना मेडल (VM)
वर्ष 2011: विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)
वर्ष 2023: अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)
वर्ष 2026: परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)




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