धार जिले के अमझेरा में भतीजे की हत्या करने वाला काका 20 घंटे के भीतर गिरफ्तार: किराना दुकान हटाने को लेकर हुआ था विवाद
धार जिले के अमझेरा में भतीजे की हत्या करने वाला फरार आरोपी काका 20 घंटे के भीतर गिरफ्तार: किराना दुकान हटाने के विवाद में कुल्हाड़ी से की थी ताबड़तोड़ वार
अमझेरा/धार (मध्य प्रदेश): धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम आमला में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ किराना दुकान हटाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक सगे काका ने अपने ही भतीजे की कुल्हाड़ी से हमला कर निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपी काका को अमझेरा पुलिस ने मात्र 20 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
⚡ किराना दुकान हटाने को लेकर हुआ था खूनी संघर्ष
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 30 अक्टूबर 2026 को फरियादी पेमा पिता रामा भूरिया (निवासी ग्राम आमला) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह करीब 10:30 बजे उनके पुत्र सोहन और उनके सगे छोटे भाई कालू पिता रामा भूरिया के बीच घर के सामने स्थित किराना दुकान हटाने को लेकर विवाद हुआ था।
विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी कालू ने जान से मारने की नीयत से अपने पास रखी कुल्हाड़ी से सोहन की गर्दन और पीठ पर गंभीर वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया था। इस मामले में थाना अमझेरा में अपराध क्रमांक 367/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
👮♂️ पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 20 घंटे में दबोचा गया आरोपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धार श्री सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल बेलापुरकर एवं एसडीओपी सरदारपुर श्री विश्वदीप सिंह परिहार के मार्गदर्शन में त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीम गठित की गई।
अमझेरा पुलिस ने अपने गोपनीय सूचना तंत्र को सक्रिय कर जाल बिछाया और महज 20 घंटे के भीतर दिनांक 31.10.2026 को फरार आरोपी कालू उर्फ कालिया पिता रामा भूरिया (उम्र 52 वर्ष), निवासी ग्राम आमला (बड़यीपुरा फलिया) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त धारदार लोहे की कुल्हाड़ी (लकड़ी के हत्थे सहित) भी जप्त कर ली गई है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
🎖️ सराहनीय भूमिका
इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी राजू मकवाना, उपनिरीक्षक जितेन्द्र नरवरिया, सहायक उपनिरीक्षक दिवाकरसिंह बैस, सहायक उपनिरीक्षक मुकेश कुमार अलसे, प्रधान आरक्षक नरपत औहरिया, दिनेश भाभर, ललितसिंह चौहान, आरक्षक जितेन्द्र, नीरज जाट एवं लालसिंह भाभर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




Post Comment