आयुर्वेद दिवस धार: 114 छात्राओं ने स्वस्थ भविष्य के लिए लिया आयुर्वेद अपनाने का संकल्प

आयुर्वेद दिवस धार में 114 छात्राओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प

आयुर्वेद दिवस धार में 114 छात्राओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प

धार, 22 सितंबर 2026। आयुर्वेद दिवस-2026 की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” के तहत शासकीय कन्या महाविद्यालय, धार में छात्राओं के लिए स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, धार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 114 छात्राओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर के निर्देशानुसार और जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला चौहान के मार्गदर्शन में किया गया। इसका उद्देश्य युवा वर्ग को आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली, महिला स्वास्थ्य, योग और सिकल सेल रोग के प्रति जागरूक करना था।

आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली पर दी जानकारी

कार्यक्रम में शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, धार के विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अतुल तोमर ने आयुर्वेद की मूल अवधारणा और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद केवल बीमारी होने के बाद उपचार की पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और रोगी के रोग के शमन पर केंद्रित समग्र स्वास्थ्य पद्धति है।

डॉ. तोमर ने छात्राओं को अनियमित दिनचर्या, असंतुलित आहार, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव, पर्याप्त नींद नहीं लेने और अत्यधिक डिजिटल निर्भरता से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया।

उन्होंने आयुर्वेद दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” को युवा पीढ़ी की जीवनशैली से जोड़ते हुए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, योग और मानसिक संतुलन को दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।

साथ ही दिनचर्या, ऋतुचर्या और स्वस्थ आहार-विहार को अपनाने पर भी जानकारी दी गई।

सिकल सेल रोग को लेकर किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान सिकल सेल रोग पर भी विशेष जानकारी दी गई। डॉ. अतुल तोमर ने बताया कि सिकल सेल एक वंशानुगत रक्त संबंधी विकार है।

उन्होंने समय पर जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व के साथ रोगी और वाहक यानी कैरियर के बीच अंतर, परिवार में इसकी संभावित विरासत और स्क्रीनिंग के महत्व की जानकारी दी।

छात्राओं से सिकल सेल के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करने और समय पर जांच को महत्व देने का आग्रह किया गया। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, उचित आहार-विहार, चिकित्सकीय परामर्श और परिवार के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

महिला स्वास्थ्य और एनीमिया पर जानकारी

डॉ. भाग्यश्री नावड़े, आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर, शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, धार ने महिला स्वास्थ्य, दिनचर्या, ऋतुचर्या और महिलाओं में एनीमिया के विषय पर जानकारी दी।

उन्होंने किशोरावस्था और युवावस्था में पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद, व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित दिनचर्या के महत्व को समझाया।

छात्राओं को एनीमिया के कारणों और लक्षणों के साथ पोषणयुक्त आहार की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

छात्राओं को योग अभ्यास की जानकारी दी

योग प्रशिक्षक नेहा बाजपेयी ने महिलाओं और युवतियों के लिए उपयोगी योगासन तथा योग आधारित स्वास्थ्य अभ्यासों की जानकारी दी।

उन्होंने नियमित योग से शारीरिक सक्रियता, लचीलापन और मानसिक शांति प्राप्त होने तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलने की जानकारी दी। छात्राओं को योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

114 छात्राओं ने लिया आयुर्वेद अपनाने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों को आयुर्वेद प्रतिज्ञा दिलाई गई। 114 छात्राओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, आयुर्वेद की वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्यवर्धक अवधारणाओं को समझने तथा परिवार और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील फड़के का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम प्रभारी प्रोफेसर डॉ. कुसुम बोरासी उपस्थित रहीं। संचालन प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र तिवारी ने किया।

इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. कोमल भाटिया, प्रोफेसर डॉ. रेखा स्वाले, प्रोफेसर डॉ. दीपा बघेल और प्रोफेसर डॉ. जयश्री कनूजे की उपस्थिति रही। अंत में प्रोफेसर डॉ. सुनीता मुजालदे ने आभार व्यक्त किया।

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आयुर्वेद दिवस धार में 114 छात्राओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प

आयुर्वेद दिवस धार में 114 छात्राओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प

धार, 22 सितंबर 2026। आयुर्वेद दिवस-2026 की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” के तहत शासकीय कन्या महाविद्यालय, धार में छात्राओं के लिए स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, धार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 114 छात्राओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर के निर्देशानुसार और जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला चौहान के मार्गदर्शन में किया गया। इसका उद्देश्य युवा वर्ग को आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली, महिला स्वास्थ्य, योग और सिकल सेल रोग के प्रति जागरूक करना था।

आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली पर दी जानकारी

कार्यक्रम में शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, धार के विशेषज्ञ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अतुल तोमर ने आयुर्वेद की मूल अवधारणा और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद केवल बीमारी होने के बाद उपचार की पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा और रोगी के रोग के शमन पर केंद्रित समग्र स्वास्थ्य पद्धति है।

डॉ. तोमर ने छात्राओं को अनियमित दिनचर्या, असंतुलित आहार, शारीरिक निष्क्रियता, तनाव, पर्याप्त नींद नहीं लेने और अत्यधिक डिजिटल निर्भरता से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया।

उन्होंने आयुर्वेद दिवस की थीम “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” को युवा पीढ़ी की जीवनशैली से जोड़ते हुए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, योग और मानसिक संतुलन को दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।

साथ ही दिनचर्या, ऋतुचर्या और स्वस्थ आहार-विहार को अपनाने पर भी जानकारी दी गई।

सिकल सेल रोग को लेकर किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान सिकल सेल रोग पर भी विशेष जानकारी दी गई। डॉ. अतुल तोमर ने बताया कि सिकल सेल एक वंशानुगत रक्त संबंधी विकार है।

उन्होंने समय पर जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व के साथ रोगी और वाहक यानी कैरियर के बीच अंतर, परिवार में इसकी संभावित विरासत और स्क्रीनिंग के महत्व की जानकारी दी।

छात्राओं से सिकल सेल के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करने और समय पर जांच को महत्व देने का आग्रह किया गया। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, उचित आहार-विहार, चिकित्सकीय परामर्श और परिवार के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

महिला स्वास्थ्य और एनीमिया पर जानकारी

डॉ. भाग्यश्री नावड़े, आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर, शासकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, धार ने महिला स्वास्थ्य, दिनचर्या, ऋतुचर्या और महिलाओं में एनीमिया के विषय पर जानकारी दी।

उन्होंने किशोरावस्था और युवावस्था में पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद, व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित दिनचर्या के महत्व को समझाया।

छात्राओं को एनीमिया के कारणों और लक्षणों के साथ पोषणयुक्त आहार की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।

छात्राओं को योग अभ्यास की जानकारी दी

योग प्रशिक्षक नेहा बाजपेयी ने महिलाओं और युवतियों के लिए उपयोगी योगासन तथा योग आधारित स्वास्थ्य अभ्यासों की जानकारी दी।

उन्होंने नियमित योग से शारीरिक सक्रियता, लचीलापन और मानसिक शांति प्राप्त होने तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलने की जानकारी दी। छात्राओं को योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

114 छात्राओं ने लिया आयुर्वेद अपनाने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों को आयुर्वेद प्रतिज्ञा दिलाई गई। 114 छात्राओं ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, आयुर्वेद की वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्यवर्धक अवधारणाओं को समझने तथा परिवार और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील फड़के का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम प्रभारी प्रोफेसर डॉ. कुसुम बोरासी उपस्थित रहीं। संचालन प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र तिवारी ने किया।

इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. कोमल भाटिया, प्रोफेसर डॉ. रेखा स्वाले, प्रोफेसर डॉ. दीपा बघेल और प्रोफेसर डॉ. जयश्री कनूजे की उपस्थिति रही। अंत में प्रोफेसर डॉ. सुनीता मुजालदे ने आभार व्यक्त किया।

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