कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स एवं सतर्कता समिति की बैठक संपन्न
बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम, विमुक्त बच्चों के पुनर्वास और बंधक श्रम के प्रकरणों की हुई समीक्षा
धार, 15 सितंबर 2026। कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बालक एवं कुमार श्रमिक (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स तथा बंधक श्रम अधिनियम, 1976 के तहत गठित जिला सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम, विमुक्त बच्चों के विधिक संरक्षण तथा उनके शैक्षणिक एवं आर्थिक पुनर्वास के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में श्रम विभाग धार एवं पीथमपुर के अधिकारियों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जनजातीय कार्य विभाग, अग्रणी जिला प्रबंधक तथा जन साहस एनजीओ के जिला समन्वयक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास पर चर्चा
बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास के लिए की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की आयु के अनुसार उनके शैक्षणिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
5 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान से संबद्ध विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा। वहीं 9 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते हुए विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही की जाएगी।
इसी प्रकार 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें शिक्षा एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। बैठक में बच्चों की उम्र के अनुसार उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से लागू करने पर चर्चा की गई।
आर्थिक पुनर्वास के लिए सहायता का प्रावधान
बैठक में विमुक्त बाल श्रमिकों के आर्थिक पुनर्वास के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत विमुक्त बाल श्रमिकों को न्यूनतम वेतन दर के अनुसार बकाया वेतन दिलाने, बाल श्रम पुनर्वास निधि से सहायता उपलब्ध कराने तथा बंधक श्रम के प्रकरणों में नियमानुसार ₹30,000 तक की तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास के साथ-साथ उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके परिवारों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना भी कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम के लिए निरीक्षण की समीक्षा
बैठक में जिले में बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई एवं निरीक्षण के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई।
बताया गया कि धार एवं पीथमपुर क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा निरंतर आकस्मिक एवं पोर्टल जनरेटेड निरीक्षण किए जा रहे हैं। अधिनियम की धारा 3 एवं 3ए के उल्लंघन के प्रकरणों में नियमानुसार अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है।
बैठक में अब तक की गई कार्रवाई, निरीक्षण तथा न्यायालय में प्रस्तुत किए गए अभियोजन प्रकरणों की स्थिति की भी जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई।
न्यायालय में दायर प्रकरणों में अर्थदंड अधिरोपित
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, धार के समक्ष दायर अभियोजन प्रकरणों में नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
इन प्रकरणों में 03 नियोजकों के विरुद्ध प्रति प्रकरण ₹5,000, 02 नियोजकों के विरुद्ध प्रति नियोजक ₹23,000, 01 नियोजक के विरुद्ध ₹1,25,000 तथा 01 नियोजक के विरुद्ध ₹6,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
वहीं शेष 04 प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय के निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने बाल एवं बंधक श्रम की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार को प्रभावित करता है। इसलिए बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जाना आवश्यक है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम एवं बंधक श्रम से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए तथा मुक्त कराए गए बच्चों के शैक्षणिक, विधिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बाल श्रम की रोकथाम के साथ-साथ मुक्त कराए गए बच्चों को शिक्षा और कौशल विकास से जोड़कर उनके बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।




































































































