धार में हर शनिवार लगेगा जैविक हाट, किसानों को मिलेगा सीधा बाजार
धार में जैविक हाट का शुभारंभ, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार और उचित मूल्य
मुख्यमंत्री जन सेवा संकल्प अभियान के तहत जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की पहल
धार, 17 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री जन सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जैविक हाट का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा उपस्थित रहीं।
जैविक उत्पादों के उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जैविक हाट के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने जैविक उत्पादों की खरीदी की। उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों के उपयोग से स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया।
कलेक्टर ने किसानों एवं आमजन को जैविक खेती अपनाने और स्वस्थ आहार के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया।
विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के सेवाकाल के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित जन सेवा अभियान के तहत प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से अपने भोजन में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल कर स्वस्थ एवं निरोगी जीवन जीने का आग्रह किया। साथ ही जिले के किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
जैविक खेती से किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदारपुर सिंह मेड़ा ने जैविक हाट के शुभारंभ को जन सेवा अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसानों और आमजन दोनों के लिए लाभकारी होगा। वर्तमान जीवनशैली को देखते हुए स्वस्थ जीवन के लिए पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण आहार आवश्यक है।
भारतीय किसान संघ के प्रांतीय मंत्री श्री अमोल पाटीदार ने पर्यावरण संरक्षण एवं टिकाऊ खेती को ध्यान में रखते हुए जैविक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य दिलाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद यदि किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिले, तो जैविक खेती को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
जैविक हाट में विभिन्न उत्पादों की बिक्री
जैविक हाट में जिले के विभिन्न विकासखंडों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसान अपने उत्पाद लेकर पहुंचे। किसानों ने लौकी, गिलकी, भिंडी, धनिया, सौंफ, दालें, अरहर, चना, मूंग, गेहूं, ज्वार, रागी, मसाले, मिर्ची और हल्दी सहित विभिन्न जैविक उत्पादों का विक्रय किया।
इसके अलावा गिर नस्ल के शुद्ध घी की लगभग 30 लीटर मात्रा भी बेची गई, जिसकी कीमत करीब 75 हजार रुपये रही।
गेहूं, दाल एवं अन्य जैविक उत्पादों सहित कुल 1.50 लाख रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई।
अब प्रत्येक शनिवार लगेगा जैविक हाट
जैविक हाट का आयोजन अब प्रत्येक शनिवार किया जाएगा। इसमें जिले के किसान अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को उचित एवं बेहतर मूल्य पर बेच सकेंगे।
इस पहल से किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। साथ ही जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।
किसानों को वितरित किए गए प्रिंटेड बैग
कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया ने संक्षिप्त उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों से किसान अपने जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद लेकर जैविक हाट में पहुंचे हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं अतिथियों ने किसानों से जैविक उत्पादों की खरीदी कर उनका उत्साहवर्धन किया। कृषि विभाग की ओर से जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार के लिए किसानों को प्रिंटेड बैग भी वितरित किए गए।
अतिथियों का स्वागत जैविक उत्पादों की टोकरी भेंट कर किया गया।
कार्यक्रम के अंत में परियोजना संचालक आत्मा श्री के.एस. झणिया ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों एवं आमजन का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, किसान एवं आमजन उपस्थित रहे।
जैविक हाट के माध्यम से जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा आमजन को स्वस्थ एवं रसायन मुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।




































































































