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बदनावर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते विद्युत वितरण कंपनी का लाइन परिचालक रंगेहाथ गिरफ्तार

बदनावर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: स्थायी बिजली कनेक्शन के नाम पर 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते विद्युत लाइन परिचालक रंगेहाथों गिरफ्तार

बदनावर/धार (मध्य प्रदेश): धार जिले के बदनावर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के बदनावर ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन को लोकायुक्त टीम ने 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों ट्रैप किया है। आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर जारी अस्थायी विद्युत कनेक्शन को स्थायी करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।

⚡ क्या है पूरा मामला? (रिश्वतखोरी की कहानी)

लोकायुक्त पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता राजेश दास बैरागी (निवासी ग्राम बालोदा माझी, तहसील बदनावर) ने 22 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता के नाम पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन था, जिसे स्थायी करवाने के लिए उन्होंने आवेदन दिया था। आरोप है कि काम करने के एवज में लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन ने करीब तीन महीने पहले 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित पहले ही 10,000 रुपये नकद और 5,000 रुपये ऑनलाइन दे चुका था। इसके बावजूद शेष राशि में से 4,000 रुपये की और मांग की जा रही थी, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने लोकायुक्त में गुहार लगाई।

🚓 लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर, राजेश सहाय के मार्गदर्शन में मामले का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर 23 अक्टूबर 2026 को निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।

योजना के मुताबिक, लोकायुक्त टीम ने बदनावर ग्रामीण विद्युत वितरण कंपनी परिसर में कार्रवाई करते हुए आरोपी लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन को शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों दबोच लिया। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।

⚖️ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

इस सफल ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक सचिन पटेरिया के साथ प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक पवन पटोरिया, आरक्षक सतीश यादव और आरक्षक कृष्ण अहिरवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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