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धार में सात दिवसीय ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण का समापन: बोरवेल रेस्क्यू और रस्सियों की गांठों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया, स्वयंसेवकों को मिले प्रमाण-पत्र

धार में सात दिवसीय ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का गरिमामय समापन: बोरवेल बचाव और तकनीकी कौशल का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

धार (मध्य प्रदेश): राज्य शासन एवं मुख्यालय के निर्देशानुसार धार जिले में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को गरिमामय समारोह के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन स्वयंसेवकों को बोरवेल में फंसे व्यक्तियों के रेस्क्यू और आपातकालीन रस्सियों की गांठों का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।

🕳️ बोरवेल बचाव एवं रस्सियों की गांठों का कराया गया अभ्यास

प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा स्वयंसेवकों को खुले बोरवेल में गिरने वाले बच्चों या व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने की आधुनिक कार्यप्रणाली समझाई गई। इस दौरान बचाव कार्य के वक्त बरती जाने वाली सावधानियों का लाइव डेमो दिया गया। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में मजबूत पकड़ और लिफ्टिंग के लिए उपयोगी विभिन्न प्रकार की रस्सियों की गांठों (Knots) और उनके तकनीकी उपयोग का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर ये स्वयंसेवक कुशल प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता (First Responders) की भूमिका निभा सकें।

👩‍✈️ ‘आपदा मित्र प्रशिक्षण मानवीय सेवा और जीवन रक्षा का संकल्प’ — डिविजनल कमांडेंट प्रीतिबाला सिंह

प्रशिक्षण के उपरांत आयोजित भव्य समापन समारोह में इंदौर संभाग की डिविजनल कमांडेंट (होमगार्ड) श्रीमती प्रीतिबाला सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। जिला सेनानी श्री राजपाल मीना ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।

मुख्य अतिथि श्रीमती प्रीतिबाला सिंह ने सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को बधाई देते हुए कहा:

“आपदा मित्र प्रशिक्षण केवल एक कोर्स नहीं है, बल्कि यह समाज सेवा, मानवीय संवेदना और अमूल्य मानव जीवन की रक्षा का एक बड़ा संकल्प है। आपदा के समय प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका सबसे अहम होती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि ये स्वयंसेवक जरूरत पड़ने पर प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत एवं बचाव कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

🎯 प्रशिक्षित दल आपदा के समय प्रशासन का बनेगा मजबूत सहारा

जिला सेनानी श्री राजपाल मीना ने सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की पूरी रूपरेखा साझा की। उन्होंने सभी सत्रों में स्वयंसेवकों द्वारा दिखाए गए गजब के अनुशासन, उत्साह और सीखने की ललक की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सात दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले में एक ऐसा सक्षम, प्रशिक्षित और जागरूक स्वयंसेवकों का दल तैयार करना है, जो किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा के समय जिला प्रशासन के साथ मिलकर त्वरित गति से राहत कार्य संचालित कर सके।

कार्यक्रम के अंत में जिला सेनानी श्री राजपाल मीना ने मुख्य अतिथि, सभी प्रशिक्षकों, होमगार्ड स्टाफ और प्रशिक्षण को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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