मनावर के ग्राम खंडलाई में किसानों को मिला कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण: आईपीएम तकनीक, मृदा संरक्षण और कीटनाशकों के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
ग्राम खंडलाई में किसानों को दिया कीट प्रबंधन एवं कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण: दो दिवसीय शिविर में आईपीएम तकनीक, मृदा संरक्षण और कीटनाशकों के दुष्प्रभावों से कराया अवगत
खंडलाई/मनावर/धार (मध्य प्रदेश): किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, लागत कम करने के उपायों और फसलों में लगने वाले कीटों के सुरक्षित प्रबंधन से जोड़ने के उद्देश्य से मनावर विकासखंड के ग्राम खंडलाई में दो दिवसीय मानव संसाधन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, इंदौर के तत्वावधान में वनस्पति संरक्षण अधिकारी श्रीमती स्नेहा गुप्ता के मार्गदर्शन एवं उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया के विशेष सहयोग से यह प्रशिक्षण संपन्न हुआ।
🐛 समेकित नाशीजीव प्रबंधन (IPM) और आधुनिक कृषि के गुर
प्रशिक्षण शिविर के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर वैज्ञानिक और आधुनिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया:
आईपीएम तकनीक (IPM): किसानों को समेकित नाशीजीव प्रबंधन तकनीक के माध्यम से बिना अत्यधिक रासायनिक कीटनाशकों के फसलों में कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाने की जानकारी दी गई।
कीटनाशकों के दुष्प्रभाव: अत्यधिक रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया तथा ‘खेत बचाओ अभियान’ के बारे में बताया गया।
मृदा एवं जल संरक्षण: खेतों में पानी की बचत, उपजाऊ मिट्टी की सुरक्षा और फसल चक्र अपनाने के महत्व को समझाया गया।
डिजिटल कृषि: किसानों को एनपीएसएस (NPSS) मोबाइल ऐप सहित कृषि से जुड़ी विभिन्न आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
👨🌾 कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों की रही विशेष उपस्थिति
इस दो दिवसीय ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण में कृषि क्षेत्र के कई नामचीन विशेषज्ञ और अधिकारी उपस्थित रहे:
केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र से सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी श्री हेमंत आर्य, श्री अवेंद्र यादव एवं श्री प्रमोद कुमार।
कृषि विभाग से सहायक संचालक कृषि श्री त्रिलोकचंद छावनियां।
कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. अमृतलाल बसेड़िया एवं डॉ. दिलीप सूर्यवंशी।
इसके अतिरिक्त कृषि विभाग के मैदानी अमले के अधिकारी, बीटीएम (BTM) एवं एटीएम (ATM) भी उपस्थित रहे, जिन्होंने किसानों की कृषि संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान किया।




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