बदनावर में पानी बचाने की अनूठी पहल: कम बारिश के चलते तालाबों के बिजली कनेक्शन काटे, प्रशासन ने शुरू की जल संरक्षण की कवायद
चार माह पहले से ही पानी बचाने की कवायद: बदनावर-तिरला क्षेत्र में तालाबों के काटे गए बिजली कनेक्शन, प्रशासन ने शुरू की जल संरक्षण की मुहिम
बदनावर/धार (मध्य प्रदेश): मानसून की बेरुखी और सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा के चलते आने वाली गर्मी के दिनों में खड़े होने वाले जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। जल संसाधन विभाग और विद्युत वितरण कंपनी ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए तालाबों और बैराजों के आसपास सिंचाई के लिए उपयोग होने वाले विद्युत कनेक्शन अस्थायी रूप से काटने शुरू कर दिए हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल लगाकर लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
🌊 23 तालाब और 14 बैराज, अधिकांश में जलस्तर न्यूनतम स्तर पर
जल संसाधन विभाग बदनावर के अधीन बदनावर और तिरला ब्लॉक में कुल 23 तालाब और 14 बैराज आते हैं। इस बार अल्पवर्षा के कारण इनमें से दो-तीन जलस्रोतों को छोड़कर अधिकांश में पर्याप्त जलभराव नहीं हो पाया है और जलस्तर न्यूनतम स्तर (LSL) तक पहुँच गया है।
यदि इन जलस्रोतों के पानी का उपयोग इसी प्रकार होता रहा, तो आगामी गर्मी के दिनों में ग्रामीण आबादी, मवेशियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए पेयजल का विकट संकट खड़ा हो सकता है। इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए एसडीएम प्रियंका मिमरोट व तहसीलदार सुरेश नागर के मार्गदर्शन में प्रशासन ने चार माह पूर्व ही पानी बचाने की कवायद तेज कर दी है।
⚡ पत्राचार के बाद प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई
जल संसाधन विभाग के एसडीओ एमएस सिसोदिया ने अल्पवर्षा की स्थिति को देखते हुए विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्री को पत्र लिखकर तालाबों और बैराजों से जुड़े विद्युत कनेक्शन अस्थायी रूप से काटने का आग्रह किया था, ताकि सिंचाई में पानी के उपयोग को रोककर उसे पेयजल और पशुओं के लिए आरक्षित रखा जा सके।
संयुक्त निरीक्षण और कार्रवाई: गुरुवार को जल संसाधन विभाग के एसडीओ और एमपीईबी धार के सहायक अभियंता ने तिरला ब्लॉक के चिकटिया तालाब का संयुक्त निरीक्षण कर वहाँ के विद्युत कनेक्शन विच्छेद करवाए। इसके अलावा बटवाड़िया सहित अन्य जलस्रोतों के पास भी कार्रवाई की गई है।
ग्रामीणों में जागरूकता: प्रशासन की टीम द्वारा ग्राम सलकनपुर सहित अन्य गाँवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को पानी बचाने, व्यर्थ बहाव रोकने और उपलब्ध जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की समझाइश दी जा रही है। हालांकि, कुछ स्थानों पर निजी ट्यूबवेल संचालित होने के कारण कनेक्शन काटने में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयाँ भी सामने आ रही हैं, जिनका प्रशासन समाधान कर रहा है।




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