अल्प वर्षा में रबी फसल चयन उन्मुखीकरण कार्यक्रम
अल्प वर्षा में रबी फसलों के बीज और किस्म चयन को लेकर उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों और उन्नत किस्मों के चयन के लिए किसानों को किया जाएगा प्रेरित
धार, 28 सितंबर 2026। जिले में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए रबी 2026-27 की तैयारियों के संबंध में कृषि विज्ञान केंद्र, धार में उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संभाग के संयुक्त संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह ने की।
कार्यक्रम में धार अनुभाग के विकासखंड धार, तिरला, नालछा, सरदारपुर और बदनावर के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी एवं कृषि विस्तार अधिकारियों सहित 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
अल्प वर्षा में कम पानी वाली फसलों पर जोर
संयुक्त संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह ने कहा कि अल्प वर्षा और अल-नीनो के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए किसानों को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली रबी फसलों और उन्नत किस्मों के चयन के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से चना, मसूर, सरसों और चिया जैसी कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही अधिकारियों को किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए किसानों को करें जागरूक
संयुक्त संचालक कृषि ने बताया कि किसान ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से किसानों को संतुलित उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने को कहा, ताकि मृदा स्वास्थ्य और फसल उत्पादकता बेहतर बनी रहे।
सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने की सलाह
उप संचालक कृषि विजय चौरसिया ने अल्प वर्षा की स्थिति में सिंचाई जल के दक्ष उपयोग के संबंध में जानकारी दी।
उन्होंने किसानों को ड्रिप, स्प्रिंकलर और मिनी स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। इससे सीमित जल उपलब्धता में भी फसलों को आवश्यक सिंचाई उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने रबी मौसम में केसीसी धारक किसानों सहित पात्र ऋणी एवं अऋणी किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए, ताकि फसल क्षति की स्थिति में बीमा योजना का लाभ मिल सके।
प्राकृतिक खेती के बारे में दी जानकारी
परियोजना संचालक आत्मा करण सिंह झणिया ने प्राकृतिक खेती के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक खेती की तकनीकों और इसके लाभों के साथ किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया।
कम अवधि वाली सब्जी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर
कृषि वैज्ञानिक डी.एस. मंडलोई ने अल्प वर्षा की स्थिति में कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली सब्जी वर्गीय फसलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उन्होंने उपलब्ध जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं दक्ष उपयोग के साथ परिस्थितियों के अनुरूप फसल चयन अपनाने की आवश्यकता बताई।
रबी 2026-27 के लिए अधिकारियों को मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान रबी 2026-27 के लिए विकासखंडवार कम पानी में उत्पादित होने वाली फसलों, उपयुक्त बीज एवं उन्नत किस्मों के चयन तथा किसानों तक कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।




































































































