प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बदली अशोक की राह, मत्स्य बीज केंद्र से 7.50 लाख का शुद्ध लाभ

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से अशोक गेंदालाल ने 1.116 हेक्टेयर में मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया, जिससे वर्ष 2025-26 में 7.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बदली अशोक की राह, मत्स्य बीज केंद्र से 7.50 लाख का शुद्ध लाभ

धार, 2 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने धार जिले के धरमपुरी विकासखंड के ग्राम लुन्हेराखुर्द (खलघाट) निवासी अशोक गेंदालाल के लिए स्वरोजगार का रास्ता मजबूत किया है। कभी फल-फूल और मछली बेचने का काम करने वाले अशोक अब अपना मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र संचालित कर रहे हैं।

अशोक ने 1.116 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘मां नर्मदा मत्स्यबीज उत्पादन केंद्र’ स्थापित किया है। वर्ष 2025-26 में इस केंद्र से उन्हें लगभग 7.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। मत्स्य बीज उत्पादन के सीजन में केंद्र के माध्यम से 12 से 15 स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिल रहा है।

फल-फूल और मछली विक्रय से शुरू हुआ सफर

अशोक गेंदालाल पहले छोटे स्तर पर फल-फूल और मछली विक्रय का कार्य करते थे। इसी दौरान उन्होंने मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्हें जिले और आसपास के क्षेत्रों में मत्स्य बीज की मांग तथा इसमें मौजूद व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी मिली।

इसके बाद अशोक ने वर्ष 2020 में अपने संसाधनों से 1.116 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘मां नर्मदा मत्स्यबीज उत्पादन केंद्र’ की स्थापना शुरू की। विभागीय मार्गदर्शन और वित्तीय वर्ष 2021-22 में योजना के तहत मिली अनुदान राशि से परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज का उत्पादन

केंद्र की हैचरी में भारतीय मेजर कार्प और कॉमन कार्प प्रजाति के मत्स्य बीज का उत्पादन किया जा रहा है। संचालन के लिए हर वर्ष जिले के सिंचाई जलाशयों से 40 से 45 क्विंटल मत्स्य प्रजनक एकत्र किए जाते हैं।

यहां तैयार मत्स्य बीज की आपूर्ति धार जिले के अलावा झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और देवास जिले तक की जा रही है।

मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र के संचालन से अशोक को अपने व्यवसाय को विस्तार देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का अवसर भी मिला है। सीजन के दौरान 12 से 15 ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।

हर साल बढ़ा मत्स्य बीज उत्पादन

अशोक के प्रक्षेत्र पर मत्स्य बीज उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में 350 लाख स्पॉन और 70 लाख फ्राई का उत्पादन हुआ था।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्पादन बढ़कर 600 लाख स्पॉन और 110 लाख फ्राई हो गया। वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 1200 लाख स्पॉन और 160 लाख फ्राई तक पहुंचा।

वर्ष 2024-25 में उत्पादन बढ़कर 1500 लाख स्पॉन और 180 लाख फ्राई रहा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में अशोक ने 2000 लाख स्पॉन और 220 लाख फ्राई का उत्पादन किया।

7.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ

उत्पादन में लगातार हुई वृद्धि का असर आय पर भी दिखाई दिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अशोक गेंदालाल को लगभग 7.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

अशोक ने अपनी उपलब्धि और आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ अन्य लोगों को आजीविका देने का अवसर भी मिला है।

रिपोर्टिंग: आनंद अग्निहोत्री

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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से अशोक गेंदालाल ने 1.116 हेक्टेयर में मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र स्थापित किया, जिससे वर्ष 2025-26 में 7.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बदली अशोक की राह, मत्स्य बीज केंद्र से 7.50 लाख का शुद्ध लाभ

धार, 2 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने धार जिले के धरमपुरी विकासखंड के ग्राम लुन्हेराखुर्द (खलघाट) निवासी अशोक गेंदालाल के लिए स्वरोजगार का रास्ता मजबूत किया है। कभी फल-फूल और मछली बेचने का काम करने वाले अशोक अब अपना मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र संचालित कर रहे हैं।

अशोक ने 1.116 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘मां नर्मदा मत्स्यबीज उत्पादन केंद्र’ स्थापित किया है। वर्ष 2025-26 में इस केंद्र से उन्हें लगभग 7.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। मत्स्य बीज उत्पादन के सीजन में केंद्र के माध्यम से 12 से 15 स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार भी मिल रहा है।

फल-फूल और मछली विक्रय से शुरू हुआ सफर

अशोक गेंदालाल पहले छोटे स्तर पर फल-फूल और मछली विक्रय का कार्य करते थे। इसी दौरान उन्होंने मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्हें जिले और आसपास के क्षेत्रों में मत्स्य बीज की मांग तथा इसमें मौजूद व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी मिली।

इसके बाद अशोक ने वर्ष 2020 में अपने संसाधनों से 1.116 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘मां नर्मदा मत्स्यबीज उत्पादन केंद्र’ की स्थापना शुरू की। विभागीय मार्गदर्शन और वित्तीय वर्ष 2021-22 में योजना के तहत मिली अनुदान राशि से परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज का उत्पादन

केंद्र की हैचरी में भारतीय मेजर कार्प और कॉमन कार्प प्रजाति के मत्स्य बीज का उत्पादन किया जा रहा है। संचालन के लिए हर वर्ष जिले के सिंचाई जलाशयों से 40 से 45 क्विंटल मत्स्य प्रजनक एकत्र किए जाते हैं।

यहां तैयार मत्स्य बीज की आपूर्ति धार जिले के अलावा झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी और देवास जिले तक की जा रही है।

मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र के संचालन से अशोक को अपने व्यवसाय को विस्तार देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का अवसर भी मिला है। सीजन के दौरान 12 से 15 ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है।

हर साल बढ़ा मत्स्य बीज उत्पादन

अशोक के प्रक्षेत्र पर मत्स्य बीज उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में 350 लाख स्पॉन और 70 लाख फ्राई का उत्पादन हुआ था।

वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्पादन बढ़कर 600 लाख स्पॉन और 110 लाख फ्राई हो गया। वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 1200 लाख स्पॉन और 160 लाख फ्राई तक पहुंचा।

वर्ष 2024-25 में उत्पादन बढ़कर 1500 लाख स्पॉन और 180 लाख फ्राई रहा। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में अशोक ने 2000 लाख स्पॉन और 220 लाख फ्राई का उत्पादन किया।

7.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ

उत्पादन में लगातार हुई वृद्धि का असर आय पर भी दिखाई दिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अशोक गेंदालाल को लगभग 7.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।

अशोक ने अपनी उपलब्धि और आर्थिक स्वावलंबन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ अन्य लोगों को आजीविका देने का अवसर भी मिला है।

रिपोर्टिंग: आनंद अग्निहोत्री

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