धार जिले की धरमपुरी विधानसभा से भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर अपनी ही पार्टी की केंद्रीय राज्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता सावित्री ठाकुर से नाराज हैं। विधायक कालूसिंह ठाकुर ने 9 अक्टूबर को सावित्री ठाकुर के धामनोद स्थित निवास पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान किया है।
दरअसल, विधायक कालूसिंह ठाकुर धामनोद नगर परिषद की सीएमओ माया मंडलोई से विकास कार्य पूरे नहीं होने के चलते नाराज हैं। विधायक इसका जिम्मेदार केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर को मानते हैं। उनका कहना है कि नगर की समस्याओं को लेकर कई प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
विधायक का आरोप है कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते, क्योंकि केंद्रीय मंत्री का अधिकारियों पर प्रभाव है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया है।
धरमपुरी विधायक कालूसिंह ठाकुर का कहना है कि धामनोद में विकास कार्यों के लिए विधायक निधि देने के बावजूद पिछले दो वर्षों से कई काम पूरे नहीं हुए हैं। उनका आरोप है कि विकास कार्यों में लगातार बाधाएं आ रही हैं। पार्षद भी पहले धरने पर बैठ चुके हैं, जिन्हें आश्वासन देकर उठाया गया था।
विधायक के मुताबिक, नगर परिषद की सीएमओ माया मंडलोई को हटाने के लिए संगठन और स्थानीय स्तर पर भी पत्र लिखे गए, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री और सरकार तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब हताश होकर जनता के साथ खड़े रहने का निर्णय लिया है।
कालूसिंह ठाकुर, विधायक धरमपुरी
“हमारी केंद्र में सरकार है। तीन साल हो चुके हैं। मैंने सबसे पहले धामनोद में विकास के नाम पर विधायक निधि दी। चुनाव के दो साल हो गए और तीसरा साल चल रहा है, लेकिन विकास कार्यों में कितने अड़ंगे हैं, यह जनता से भी पूछिए।
हमारे कई पार्षद भी धरने पर बैठे थे। उन्हें आश्वासन देकर मैंने उठाया था। पूरा प्रयास करने के बाद अब मैं हताश हो गया हूं। इसका कारण है कि हमारी केंद्रीय मंत्री अधिकारियों को भी डराती हैं और अधिकारी भी नहीं सुनते।
मुख्यमंत्री साहब को सब बता दिया। सरकार ने भी हमारी मदद की। मध्यप्रदेश विकास के लिए सबसे ज्यादा पैसा लेकर आया, लेकिन पिछले दो साल से आज तक एक भी काम पूरा नहीं हुआ। केवल खींचतान हुई।
जिलाध्यक्ष, संगठन और मंडल ने भी लिखकर दिया, फिर भी उसे नहीं हटाया गया। दो बार हमने हटवाया। मुख्यमंत्री साहब ने भी मदद की, लेकिन मिलीभगत के कारण उसे फिर से चार्ज दिला दिया गया। अब कब तक मैं इसके लिए प्रयास करूं?
जनता ने हम पर विश्वास किया है, इसलिए अब मैं जनता के साथ हूं। मजबूर होकर निर्णय लेना पड़ा कि अब भूख हड़ताल पर बैठेंगे। हम उनके घर के सामने बैठेंगे, जनता को परेशान करने के लिए सड़क पर नहीं बैठेंगे। मैं यह साबित करना चाहता हूं कि उन्हें बचाने का उद्देश्य क्या है। मीडिया से भी आग्रह है कि उनसे पूछे कि अगर उन्हें नहीं बचाया जा रहा, तो फिर पत्र क्यों लिखा गया? जनता और संगठन हमारे साथ हैं।”
इधर भाजपा के इस विवाद में कांग्रेस भी कूद गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि मध्यप्रदेश में आखिर चल क्या रहा है?
उमंग सिंघार ने लिखा कि भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर अपनी ही पार्टी की केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर के घर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने की बात कर रहे हैं। विधायक का आरोप है कि अधिकारी उनकी सुन नहीं रहे, शिकायतों के बावजूद सीएमओ माया मंडलोई पर कार्रवाई नहीं हो रही और विकास कार्य ठप पड़े हैं।
सिंघार ने इसे भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी, वर्चस्व की लड़ाई और ‘मैं बड़ा’ की राजनीति का उदाहरण बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की आपसी खींचतान में मध्यप्रदेश की आम जनता प्रभावित हो रही है।
वहीं, धामनोद नगर परिषद की सीएमओ माया मंडलोई ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उनका कहना है कि धामनोद में उनकी पदस्थापना हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि उनके खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें कर रहे हैं और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई कराने का प्रयास कर रहे हैं।
माया मंडलोई, सीएमओ धामनोद नगर परिषद
“यहां धामनोद में मेरी पोस्टिंग कर दी गई थी, क्योंकि माननीय हाईकोर्ट का आदेश था। इसमें मेरी गलती नहीं है, क्योंकि मेरे खिलाफ लगातार झूठी शिकायतें की जाती हैं। कुछ जनप्रतिनिधि मेरे खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करते रहते हैं।
लोकायुक्त में भी कूटरचित तरीके से दस्तावेज प्रस्तुत करके मेरी एफआईआर की गई थी। उन्हीं एफआईआर के खिलाफ मुझे माननीय हाईकोर्ट द्वारा स्टे ऑर्डर प्रदान किया गया है।”