बदनावर को सूखा घोषित करने की मांग: विधायक भंवर सिंह शेखावत ने CM मोहन यादव को लिखा पत्र, पूर्व मंत्री दत्तीगांव पर बोला हमला
बदनावर और इंदौर-उज्जैन संभाग को सूखा घोषित करे सरकार”: विधायक भंवर सिंह शेखावत ने CM को लिखा पत्र, पूर्व मंत्री दत्तीगांव से मांगे जवाब
बदनावर (मध्य प्रदेश): बदनावर विधानसभा क्षेत्र में फसलों की स्थिति और किसानों की समस्याओं को लेकर क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक शेखावत ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर बदनावर अंचल सहित संपूर्ण इंदौर एवं उज्जैन संभाग को सूखाग्रस्त घोषित करने की पुरजोर मांग की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर विधायक शेखावत ने किसानों के बिजली बिल माफ करने, फसल बीमा की बकाया राशि जारी करने और पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि निर्देश सोनगरा और राजेंद्र जाट सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
🌾 किसानों के लिए विधायक शेखावत की 4 प्रमुख मांगे
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक भंवर सिंह शेखावत ने किसान हित में सरकार के सामने मुख्य मांगें रखीं:
अंचल को सूखा घोषित किया जाए: कम बारिश और फसलों की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए बदनावर, इंदौर और उज्जैन क्षेत्र को अविलंब सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
बिजली बिल वसूली पर तुरंत रोक: संकट से जूझ रहे किसानों से बिजली बिल की वसूली पर रोक लगाई जाए और बकाया बिल माफ किए जाएं।
फसल बीमा की राशि मिले: पूर्व में किसानों को रोकी गई फसल बीमा की राशि का भुगतान तत्काल सरकार द्वारा कराया जाए।
ट्रांसफॉर्मर (DP) ऑयल चोरी पर कार्रवाई: बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डीपी से ऑयल चोरी के मामलों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
🌊 “5 साल में नर्मदा का पानी बदनावर क्यों नहीं आया?” — पूर्व मंत्री दत्तीगांव पर निशाना
पूर्व कैबिनेट मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव पर सीधा हमला बोलते हुए विधायक शेखावत ने नर्मदा परियोजना पर सवाल उठाए:
“5 साल के कार्यकाल में पूर्व मंत्री जी बदनावर में नर्मदा मैया का पानी क्यों नहीं ला पाए? जनता अपने जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछेगी और उन्हें हर हाल में जवाब देना ही होगा।”
इसके अलावा शेखावत ने चुनावी फार्म नंबर 7 के दुरुपयोग, वोट चोरी और अन्य स्थानीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार की निष्पक्षता और मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों और आम जनता के हक की लड़ाई के लिए वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे।




































































































