महिला पुलिस थाना धार की सराहनीय पहल: काउंसलिंग से टूटा परिवार फिर एक हुआ, पति-पत्नी ने साथ रहने का लिया निर्णय

महिला पुलिस थाना धार की अनूठी पहल: काउंसलिंग से फिर महकी एक परिवार की खुशियां, टूटने की कगार पर पहुंचा रिश्ता फिर से जुड़ा

धार (मध्य प्रदेश): पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी गलतफहमियों और विवादों के कारण टूटने की कगार पर पहुंचने वाले परिवारों को बचाने में धार पुलिस सराहनीय भूमिका निभा रही है। पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल बेलापुरकर के मार्गदर्शन एवं डीएसपी श्री ओमप्रकाश अहीर के नेतृत्व में महिला पुलिस थाना धार द्वारा एक और परिवार को बिखरने से बचा लिया गया।

महिला पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक क्लेर डामोर की अगुवाई में हुई सफल काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी ने अपने सारे शिकवे-गिले भुलाकर एक साथ जीवन बिताने का फैसला लिया।

💔 चरित्र पर संदेह और मारपीट की थी शिकायत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदिका (परिवर्तित नाम ‘अनीता’) ने महिला थाने में एक शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया था। महिला ने बताया कि उसका विवाह लगभग 4 वर्ष पूर्व हुआ था और उनकी एक 2 साल की छोटी बेटी भी है।

अनीता का आरोप था कि सरकारी नौकरी लगने के बाद उसका पति उस पर बेवजह चरित्र संदेह करने लगा, मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया और सास-ससुर भी पति का ही पक्ष ले रहे थे।

🤝 महिला पुलिस की समझाइश से हुआ चमत्कार

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना प्रभारी निरीक्षक क्लेर डामोर ने जांच प्रधान आरक्षक रतनसिंह कटारे को सौंपी। पुलिस टीम ने दोनों पक्षों एवं उनके परिजनों को थाने में बुलाकर अलग-अलग तथा संयुक्त (आमने-सामने बैठाकर) रूप से काउंसलिंग की।

पुलिस ने पति-पत्नी को आपसी विश्वास, समझ और 2 साल की मासूम बच्ची के उज्ज्वल भविष्य का अहसास कराया। काउंसलिंग का परिणाम बेहद सकारात्मक रहा। पति को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने पत्नी को सम्मानपूर्वक राजी-खुशी से साथ रखने तथा भविष्य में कभी संदेह न करने का लिखित आश्वासन दिया। दोनों पक्षों ने हंसते-मुस्कुराते साथ घर लौटने का फैसला किया।

👮 इनकी रही सराहनीय भूमिका

पारिवारिक रिश्तों को टूटने से बचाने और एक मासूम के सिर से माता-पिता का साया न छीनने देने के इस सराहनीय कार्य में निरीक्षक क्लेर डामोर, एएसआई रामसिंह गौर, प्रधान आरक्षक रतन कटारे, सुरसिंह रावत, महिला प्रधान आरक्षक शाहबाई, आरक्षक राकेश देवल एवं प्रवीण गोरे की विशेष भूमिका रही।

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महिला पुलिस थाना धार की अनूठी पहल: काउंसलिंग से फिर महकी एक परिवार की खुशियां, टूटने की कगार पर पहुंचा रिश्ता फिर से जुड़ा

धार (मध्य प्रदेश): पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी गलतफहमियों और विवादों के कारण टूटने की कगार पर पहुंचने वाले परिवारों को बचाने में धार पुलिस सराहनीय भूमिका निभा रही है। पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल बेलापुरकर के मार्गदर्शन एवं डीएसपी श्री ओमप्रकाश अहीर के नेतृत्व में महिला पुलिस थाना धार द्वारा एक और परिवार को बिखरने से बचा लिया गया।

महिला पुलिस थाना प्रभारी निरीक्षक क्लेर डामोर की अगुवाई में हुई सफल काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी ने अपने सारे शिकवे-गिले भुलाकर एक साथ जीवन बिताने का फैसला लिया।

💔 चरित्र पर संदेह और मारपीट की थी शिकायत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदिका (परिवर्तित नाम ‘अनीता’) ने महिला थाने में एक शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया था। महिला ने बताया कि उसका विवाह लगभग 4 वर्ष पूर्व हुआ था और उनकी एक 2 साल की छोटी बेटी भी है।

अनीता का आरोप था कि सरकारी नौकरी लगने के बाद उसका पति उस पर बेवजह चरित्र संदेह करने लगा, मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया और सास-ससुर भी पति का ही पक्ष ले रहे थे।

🤝 महिला पुलिस की समझाइश से हुआ चमत्कार

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना प्रभारी निरीक्षक क्लेर डामोर ने जांच प्रधान आरक्षक रतनसिंह कटारे को सौंपी। पुलिस टीम ने दोनों पक्षों एवं उनके परिजनों को थाने में बुलाकर अलग-अलग तथा संयुक्त (आमने-सामने बैठाकर) रूप से काउंसलिंग की।

पुलिस ने पति-पत्नी को आपसी विश्वास, समझ और 2 साल की मासूम बच्ची के उज्ज्वल भविष्य का अहसास कराया। काउंसलिंग का परिणाम बेहद सकारात्मक रहा। पति को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने पत्नी को सम्मानपूर्वक राजी-खुशी से साथ रखने तथा भविष्य में कभी संदेह न करने का लिखित आश्वासन दिया। दोनों पक्षों ने हंसते-मुस्कुराते साथ घर लौटने का फैसला किया।

👮 इनकी रही सराहनीय भूमिका

पारिवारिक रिश्तों को टूटने से बचाने और एक मासूम के सिर से माता-पिता का साया न छीनने देने के इस सराहनीय कार्य में निरीक्षक क्लेर डामोर, एएसआई रामसिंह गौर, प्रधान आरक्षक रतन कटारे, सुरसिंह रावत, महिला प्रधान आरक्षक शाहबाई, आरक्षक राकेश देवल एवं प्रवीण गोरे की विशेष भूमिका रही।

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