धार में आधुनिक उद्यानिकी खेती का निरीक्षण, तिलगारा में ब्लूबेरी और रूपाखेड़ा में पॉलीहाउस का अवलोकन
धार, 18 सितंबर 2026। जिले में आधुनिक उद्यानिकी खेती धार के अंतर्गत किए जा रहे नवाचार और उन्नतशील खेती का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री जन विश्वास कार्यक्रम के अंतर्गत प्रमुख सचिव सहकारिता विभाग डी.पी. आहूजा एवं कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने ग्राम तिलगारा और रूपाखेड़ा पहुंचकर कृषकों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों का निरीक्षण किया।
आधुनिक उद्यानिकी खेती धार में तिलगारा की ब्लूबेरी खेती का अवलोकन
भ्रमण के दौरान ग्राम तिलगारा में कृषक वासुदेव के खेत पर ब्लूबेरी की खेती का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ब्लूबेरी उत्पादक कृषकों से उन्नत खेती के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
कृषक ने बताया कि पूर्व में उनके द्वारा ब्लूबेरी की बिलॉक्सी (Biloxi) किस्म की खेती की जा रही थी। इस वर्ष अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के उद्देश्य से बाहर से अजरा ब्लूबेरी (Azra Blue) किस्म के पौधे मंगवाकर रोपित किए गए हैं।
कृषक ने पौध प्रबंधन, उत्पादन, बाजार और आगामी संभावनाओं के संबंध में अधिकारियों को जानकारी दी। प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा ने ब्लूबेरी की खेती में उपयोग की जा रही तकनीक, पौधों की वृद्धि, उत्पादन क्षमता, सिंचाई और फसल प्रबंधन के संबंध में कृषक से जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों ने खेत में लगाई गई स्ट्रॉबेरी की फसल का भी अवलोकन किया तथा इसके उत्पादन और विपणन की जानकारी ली।
रूपाखेड़ा में पॉलीहाउस और पुष्प फसलों का निरीक्षण
इसके बाद प्रमुख सचिव सहकारिता विभाग और कलेक्टर ने ग्राम रूपाखेड़ा में कृषक जमनालाल परिदा के खेत का भ्रमण किया। यहां पॉलीहाउस में संरक्षित वातावरण में उत्पादित की जा रही विभिन्न पुष्प फसलों का अवलोकन किया गया।
पॉलीहाउस में गुलाब, जरबेरा और जिप्सोफिला जैसी पुष्प फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। अधिकारियों ने पॉलीहाउस में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीक, फसल प्रबंधन और पुष्प उत्पादन की स्थिति का निरीक्षण किया।
अमरूद और डेजी की फसल भी देखी
भ्रमण के दौरान खेत परिसर में स्थापित अमरूद के बगीचे तथा ब्लू और व्हाइट डेजी की फसल का भी अवलोकन किया गया। कृषक ने उद्यानिकी फसलों से प्राप्त होने वाली आय, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के संबंध में जानकारी दी।
प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा और कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कृषकों द्वारा पारंपरिक खेती के साथ-साथ ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, गुलाब, जरबेरा, जिप्सोफिला, अमरूद और अन्य उद्यानिकी फसलों को अपनाए जाने के संबंध में जानकारी ली।
फसल उत्पादन, तकनीकी प्रबंधन और विपणन पर चर्चा
अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जिले में उद्यानिकी क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के संबंध में भी चर्चा की।
भ्रमण के दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं संबंधित कृषकों से फसल उत्पादन, तकनीकी प्रबंधन, विपणन और फसल विविधीकरण से जुड़े विषयों पर जानकारी ली गई।
जिले में कृषकों द्वारा आधुनिक एवं संरक्षित खेती की तकनीकों को अपनाकर विभिन्न उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बदनावर प्रियंका मिमरोट सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




































































































