नमो युवा शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं को सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा की जानकारी

नमो युवा शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं को सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा की जानकारी

धार, 17 सितम्बर 2026। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित ‘नमो युवा शक्ति’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘नारी आजीविका महोत्सव—विकास, आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण के लिए संगठित युवा उत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सड़क सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश प्रदीप सोनी तथा यातायात प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर सहित संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं युवाओं को आजीविका, आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता एवं सुरक्षित जीवन के प्रति जागरूक करना रहा। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई।

यातायात प्रभारी ने दी सड़क सुरक्षा की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर ने उपस्थित महिलाओं को सड़क सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क पर प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा उसकी स्वयं की जिम्मेदारी के साथ-साथ सामूहिक जिम्मेदारी भी है। यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

महिलाओं को विशेष रूप से बताया गया कि बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए तथा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाले जोखिम के प्रति परिवार के सदस्यों को जागरूक करना चाहिए।

सड़क पार करते समय पहले दाएं-बाएं देखकर सुरक्षित स्थान से ही सड़क पार करने की समझाइश दी गई। इसके साथ ही एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने के संबंध में भी जानकारी दी गई।

यातायात प्रभारी ने महिलाओं से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त समाज के निर्माण में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

महिला सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक

कार्यक्रम में महिला सुरक्षा के विषय में भी आवश्यक जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, घरेलू हिंसा अथवा अन्य असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर चुप नहीं रहना चाहिए तथा तत्काल अपने परिजनों, पुलिस अथवा संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करना चाहिए।

महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों, बाजार, यात्रा एवं कार्यस्थल पर अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, अपरिचित व्यक्तियों से सावधानी बरतने तथा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के संबंध में समझाइश दी गई।

इसके साथ ही महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।

महिलाओं को कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश प्रदीप सोनी ने महिलाओं को कानून के प्रति जागरूक रहने और अपने अधिकारों को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया।

आजीविका से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही महिलाएं

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर भी जोर दिया गया।

महिलाओं की सहभागिता, आजीविका के अवसर, कौशल विकास, आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता को कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से सशक्त नारी, सुरक्षित नारी और आत्मनिर्भर नारी के संदेश पर जोर दिया गया। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों, कानून, सड़क सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक बताया गया।

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नमो युवा शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं को सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा की जानकारी

धार, 17 सितम्बर 2026। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित ‘नमो युवा शक्ति’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘नारी आजीविका महोत्सव—विकास, आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण के लिए संगठित युवा उत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सड़क सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश प्रदीप सोनी तथा यातायात प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर सहित संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं युवाओं को आजीविका, आत्मनिर्भरता, सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता एवं सुरक्षित जीवन के प्रति जागरूक करना रहा। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई।

यातायात प्रभारी ने दी सड़क सुरक्षा की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर ने उपस्थित महिलाओं को सड़क सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क पर प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा उसकी स्वयं की जिम्मेदारी के साथ-साथ सामूहिक जिम्मेदारी भी है। यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

महिलाओं को विशेष रूप से बताया गया कि बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए तथा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाले जोखिम के प्रति परिवार के सदस्यों को जागरूक करना चाहिए।

सड़क पार करते समय पहले दाएं-बाएं देखकर सुरक्षित स्थान से ही सड़क पार करने की समझाइश दी गई। इसके साथ ही एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता देने के संबंध में भी जानकारी दी गई।

यातायात प्रभारी ने महिलाओं से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त समाज के निर्माण में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

महिला सुरक्षा को लेकर भी किया जागरूक

कार्यक्रम में महिला सुरक्षा के विषय में भी आवश्यक जानकारी दी गई। महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, घरेलू हिंसा अथवा अन्य असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर चुप नहीं रहना चाहिए तथा तत्काल अपने परिजनों, पुलिस अथवा संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करना चाहिए।

महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों, बाजार, यात्रा एवं कार्यस्थल पर अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, अपरिचित व्यक्तियों से सावधानी बरतने तथा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के संबंध में समझाइश दी गई।

इसके साथ ही महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।

महिलाओं को कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीश प्रदीप सोनी ने महिलाओं को कानून के प्रति जागरूक रहने और अपने अधिकारों को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया।

आजीविका से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही महिलाएं

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर भी जोर दिया गया।

महिलाओं की सहभागिता, आजीविका के अवसर, कौशल विकास, आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता को कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से सशक्त नारी, सुरक्षित नारी और आत्मनिर्भर नारी के संदेश पर जोर दिया गया। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों, कानून, सड़क सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक बताया गया।

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