प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना के तहत मत्स्य कृषकों का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
धार, 25 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के तहत मत्स्य क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों और मत्स्य कृषकों को योजना की जानकारी देने तथा NFDB पोर्टल पर पंजीयन कराने के उद्देश्य से जिला धार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, साकल्दा में आयोजित हुआ, जिसमें क्षेत्र के मत्स्य कृषकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान किसानों को योजना के उद्देश्यों, पात्रता, पंजीयन प्रक्रिया और उपलब्ध लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
योजना के उद्देश्यों की दी जानकारी
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र से जुड़े हितग्राहियों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है। इसके साथ ही मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देने तथा मत्स्य क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।
मत्स्य कृषकों को योजना के तहत मिलने वाले लाभ और पात्रता से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई, ताकि पात्र हितग्राही योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकें।
NFDB पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया समझाई
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मत्स्य कृषकों को NFDB पोर्टल पर पंजीयन की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेजों तथा पंजीयन के बाद योजना का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
मत्स्य विभाग की ओर से कृषकों से अधिक से अधिक संख्या में NFDB पोर्टल पर पंजीयन कराने और शासन की योजना का लाभ लेने का आग्रह किया गया।
किसानों की जिज्ञासाओं का किया समाधान
कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने किसानों की योजना से संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं और समस्याओं का समाधान किया। अधिकारियों ने मत्स्य कृषकों को योजना के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के मत्स्य कृषकों की सक्रिय सहभागिता रही।
मत्स्य पालन को आय और रोजगार का माध्यम बनाने पर जोर
मत्स्य विभाग, जिला धार की ओर से मत्स्य कृषकों से प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना का लाभ लेने के लिए समय पर NFDB पंजीयन कराने की अपील की गई।
विभाग ने मत्स्य पालन को आय और रोजगार के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
रिपोर्टिंग: आनंद अग्निहोत्री




































































































