बदनावर में 5 दिन बाद समाप्त हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल: CMO विकास डावर की लिखित सहमति के बाद काम पर लौटे कर्मचारी

बदनावर में 5 दिन बाद समाप्त हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल; CMO विकास डावर की लिखित सहमति के बाद काम पर लौटे सफाईकर्मी

बदनावर/धार (मध्य प्रदेश): बदनावर नगर में पिछले पांच दिनों से चरमराई सफाई व्यवस्था आखिरकार पटरी पर लौट आई है। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 5 अक्टूबर से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई।

नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) विकास डावर के धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से चर्चा करने और उनकी मांगों के संबंध में लिखित सहमति पत्र सौंपने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

📝 CMO ने लिखित सहमति पत्र सौंपा, पुष्पमाला पहनाकर किया स्वागत

शुक्रवार को सीएमओ विकास डावर स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और वाल्मीकि सेना तथा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल से विस्तार से चर्चा की। नगर परिषद स्तर की मांगों के नियमानुसार निराकरण का लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने खुशी जाहिर करते हुए हड़ताल खत्म कर दी। इसके बाद सीएमओ विकास डावर ने कर्मचारियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया।

हड़ताल खत्म होते ही सभी सफाईकर्मी तुरंत अपने काम पर लौट आए और देर शाम से ही नगर की सड़कों व गलियों में साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया।

📋 वाल्मीकि सेना की ये 8 प्रमुख मांगें हुईं पूरी

वाल्मीकि सेना के संभाग अध्यक्ष ऋतिक रिल और जिलाध्यक्ष जितेंद्र मांगलिया ने बताया कि नगर परिषद के साथ हुई चर्चा में निम्नलिखित मुख्य मांगों पर सहमति बनी है:

  1. कर्मचारियों को हर महीने नियमित और समय पर वेतन का भुगतान करना।

  2. सामुदायिक भवन एवं कांजी हाउस का शीघ्र जीर्णोद्धार करवाकर समाज को सौंपना।

  3. हड़ताल अवधि के दौरान शामिल कर्मचारियों का वेतन न काटना और अनुपस्थिति दर्ज न करना।

  4. किसी भी कर्मचारी को नगर परिषद से बाहर या कार्यमुक्त न करना तथा उन्हें परेशान न करना।

  5. दीपावली के पावन पर्व पर कर्मचारियों को एक माह का वेतन बोनस के रूप में देना।

नगर परिषद द्वारा कुल 8 स्थानीय मांगों पर सहमति प्रदान की गई है, जिससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है। हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश शासन स्तर की मांगें अभी लंबित हैं, जिसके लिए आगे भी उनका संघर्ष जारी रहेगा।

🗑️ हड़ताल के कारण चरमराई थी सफाई व्यवस्था

गौरतलब है कि सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल को नगर परिषद के अन्य स्थायी कर्मचारियों का भी समर्थन मिल गया था, जिससे आंदोलन और तेज हो गया था। लगातार 5 दिन तक काम ठप रहने के कारण शहर की सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए थे और कई स्थानों पर नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा था, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब हड़ताल समाप्त होने और सफाई कर्मियों के काम पर लौटने से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।

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बदनावर में 5 दिन बाद समाप्त हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल; CMO विकास डावर की लिखित सहमति के बाद काम पर लौटे सफाईकर्मी

बदनावर/धार (मध्य प्रदेश): बदनावर नगर में पिछले पांच दिनों से चरमराई सफाई व्यवस्था आखिरकार पटरी पर लौट आई है। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 5 अक्टूबर से जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई।

नगर परिषद के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) विकास डावर के धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से चर्चा करने और उनकी मांगों के संबंध में लिखित सहमति पत्र सौंपने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

📝 CMO ने लिखित सहमति पत्र सौंपा, पुष्पमाला पहनाकर किया स्वागत

शुक्रवार को सीएमओ विकास डावर स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और वाल्मीकि सेना तथा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल से विस्तार से चर्चा की। नगर परिषद स्तर की मांगों के नियमानुसार निराकरण का लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने खुशी जाहिर करते हुए हड़ताल खत्म कर दी। इसके बाद सीएमओ विकास डावर ने कर्मचारियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया।

हड़ताल खत्म होते ही सभी सफाईकर्मी तुरंत अपने काम पर लौट आए और देर शाम से ही नगर की सड़कों व गलियों में साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया।

📋 वाल्मीकि सेना की ये 8 प्रमुख मांगें हुईं पूरी

वाल्मीकि सेना के संभाग अध्यक्ष ऋतिक रिल और जिलाध्यक्ष जितेंद्र मांगलिया ने बताया कि नगर परिषद के साथ हुई चर्चा में निम्नलिखित मुख्य मांगों पर सहमति बनी है:

  1. कर्मचारियों को हर महीने नियमित और समय पर वेतन का भुगतान करना।

  2. सामुदायिक भवन एवं कांजी हाउस का शीघ्र जीर्णोद्धार करवाकर समाज को सौंपना।

  3. हड़ताल अवधि के दौरान शामिल कर्मचारियों का वेतन न काटना और अनुपस्थिति दर्ज न करना।

  4. किसी भी कर्मचारी को नगर परिषद से बाहर या कार्यमुक्त न करना तथा उन्हें परेशान न करना।

  5. दीपावली के पावन पर्व पर कर्मचारियों को एक माह का वेतन बोनस के रूप में देना।

नगर परिषद द्वारा कुल 8 स्थानीय मांगों पर सहमति प्रदान की गई है, जिससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है। हालांकि, कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश शासन स्तर की मांगें अभी लंबित हैं, जिसके लिए आगे भी उनका संघर्ष जारी रहेगा।

🗑️ हड़ताल के कारण चरमराई थी सफाई व्यवस्था

गौरतलब है कि सफाई कर्मचारियों की इस हड़ताल को नगर परिषद के अन्य स्थायी कर्मचारियों का भी समर्थन मिल गया था, जिससे आंदोलन और तेज हो गया था। लगातार 5 दिन तक काम ठप रहने के कारण शहर की सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए थे और कई स्थानों पर नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा था, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब हड़ताल समाप्त होने और सफाई कर्मियों के काम पर लौटने से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।

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