एस्ट्रो विलेज ज्ञानपुरा में एस्ट्रोनॉमी ट्रेनिंग का शुभारंभ, ग्रामीण युवाओं को मिलेगा खगोल विज्ञान का प्रशिक्षण

ज्ञानपुरा में एस्ट्रो विलेज के तहत दो माह की एस्ट्रोनॉमी ट्रेनिंग शुरू हुई। ग्रामीण युवाओं को खगोल विज्ञान, दूरबीन संचालन और आकाश दर्शन का प्रशिक्षण मिलेगा।

एस्ट्रो विलेज ज्ञानपुरा में एस्ट्रोनॉमी ट्रेनिंग का शुभारंभ, ग्रामीण युवाओं को मिलेगा खगोल विज्ञान का प्रशिक्षण

धार, 2 अक्टूबर 2026। नालछा विकासखंड के ग्राम ज्ञानपुरा में ‘एस्ट्रो विलेज’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मध्यप्रदेश पर्यटन के तत्वावधान में ग्राम ज्ञानपुरा में विशेष खगोल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 1 अक्टूबर को हुआ।

दो माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और युवाओं को खगोल विज्ञान की व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आकाशीय पिंडों के अवलोकन से लेकर दूरबीन के संचालन और रात्रि आकाश की फोटोग्राफी तक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दूरबीन के संचालन और आकाशीय पिंडों के अवलोकन का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंकुर हॉबी सेंटर के मुख्य प्रशिक्षक रहीम शेख ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अपने 10 वर्षों के अनुभव को साझा किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को दूरबीन की तकनीकी जानकारी देने के साथ उसे स्थापित करने, संचालित करने तथा आकाशीय पिंडों के अवलोकन की विधियों से परिचित कराया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा।

रात्रि आकाश की फोटोग्राफी सीखेंगे प्रतिभागी

प्रशिक्षण के अंतर्गत खगोलीय फोटोग्राफी के लिए कैमरे का उपयोग करते हुए रात्रि आकाश और विभिन्न आकाशीय पिंडों की तस्वीरें लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वहीं आकाश दर्शन के दौरान प्रतिभागियों को ग्रहों, नक्षत्रों, तारों और विभिन्न तारामंडलीय आकृतियों की पहचान कराई जाएगी। इनके पीछे की वैज्ञानिक जानकारी को पूर्वजों से जुड़ी पारंपरिक कथाओं के माध्यम से भी समझाया जाएगा।

रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम में ग्रामीणों और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण से जुड़ने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने बताया कि एस्ट्रो विलेज की पहल से स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

पर्यटकों की संख्या बढ़ने से गांव में होम-स्टे, स्थानीय सेवाओं और अन्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ हो सकता है।

ज्ञानपुरा को एस्ट्रो-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल

इस पहल के माध्यम से ग्राम ज्ञानपुरा को नए खगोल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। इससे धार जिले को खगोल पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

कार्यक्रम में कार्ड संस्था से कमल देवड़ा ने स्थानीय ग्रामीणों को इस पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

ग्राम ज्ञानपुरा के सरपंच ने बताया कि धार जिले में इस प्रकार का खगोल विज्ञान प्रशिक्षण पहली बार आयोजित किया जा रहा है। प्राथमिक शाला के शिक्षक रामसिंह ने बच्चों को प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का अवसर हर जगह उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने स्वयं भी प्रशिक्षण में शामिल होकर खगोल विज्ञान सीखने और आगे बच्चों को इसका ज्ञान देने की बात कही।

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ज्ञानपुरा में एस्ट्रो विलेज के तहत दो माह की एस्ट्रोनॉमी ट्रेनिंग शुरू हुई। ग्रामीण युवाओं को खगोल विज्ञान, दूरबीन संचालन और आकाश दर्शन का प्रशिक्षण मिलेगा।

एस्ट्रो विलेज ज्ञानपुरा में एस्ट्रोनॉमी ट्रेनिंग का शुभारंभ, ग्रामीण युवाओं को मिलेगा खगोल विज्ञान का प्रशिक्षण

धार, 2 अक्टूबर 2026। नालछा विकासखंड के ग्राम ज्ञानपुरा में ‘एस्ट्रो विलेज’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मध्यप्रदेश पर्यटन के तत्वावधान में ग्राम ज्ञानपुरा में विशेष खगोल विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 1 अक्टूबर को हुआ।

दो माह तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और युवाओं को खगोल विज्ञान की व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आकाशीय पिंडों के अवलोकन से लेकर दूरबीन के संचालन और रात्रि आकाश की फोटोग्राफी तक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दूरबीन के संचालन और आकाशीय पिंडों के अवलोकन का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अंकुर हॉबी सेंटर के मुख्य प्रशिक्षक रहीम शेख ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में अपने 10 वर्षों के अनुभव को साझा किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को दूरबीन की तकनीकी जानकारी देने के साथ उसे स्थापित करने, संचालित करने तथा आकाशीय पिंडों के अवलोकन की विधियों से परिचित कराया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा।

रात्रि आकाश की फोटोग्राफी सीखेंगे प्रतिभागी

प्रशिक्षण के अंतर्गत खगोलीय फोटोग्राफी के लिए कैमरे का उपयोग करते हुए रात्रि आकाश और विभिन्न आकाशीय पिंडों की तस्वीरें लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वहीं आकाश दर्शन के दौरान प्रतिभागियों को ग्रहों, नक्षत्रों, तारों और विभिन्न तारामंडलीय आकृतियों की पहचान कराई जाएगी। इनके पीछे की वैज्ञानिक जानकारी को पूर्वजों से जुड़ी पारंपरिक कथाओं के माध्यम से भी समझाया जाएगा।

रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम में ग्रामीणों और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रशिक्षण से जुड़ने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने बताया कि एस्ट्रो विलेज की पहल से स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

पर्यटकों की संख्या बढ़ने से गांव में होम-स्टे, स्थानीय सेवाओं और अन्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ हो सकता है।

ज्ञानपुरा को एस्ट्रो-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल

इस पहल के माध्यम से ग्राम ज्ञानपुरा को नए खगोल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। इससे धार जिले को खगोल पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

कार्यक्रम में कार्ड संस्था से कमल देवड़ा ने स्थानीय ग्रामीणों को इस पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

ग्राम ज्ञानपुरा के सरपंच ने बताया कि धार जिले में इस प्रकार का खगोल विज्ञान प्रशिक्षण पहली बार आयोजित किया जा रहा है। प्राथमिक शाला के शिक्षक रामसिंह ने बच्चों को प्रशिक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का अवसर हर जगह उपलब्ध नहीं होता। उन्होंने स्वयं भी प्रशिक्षण में शामिल होकर खगोल विज्ञान सीखने और आगे बच्चों को इसका ज्ञान देने की बात कही।

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